देश की खबरें | सेवारत डॉक्टरों के लिए 50 प्रतिशत कोटा: तमिलनाडु सरकार को 15 दिन के भीतर सीटों को भरने का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को नीट उत्तीर्ण करने वाले सेवारत उम्मीदवारों को वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत सुपर स्पेशियलिटी सीटें आवंटित करने की शुक्रवार को अनुमति दी।

नयी दिल्ली, दो दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को नीट उत्तीर्ण करने वाले सेवारत उम्मीदवारों को वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत सुपर स्पेशियलिटी सीटें आवंटित करने की शुक्रवार को अनुमति दी।

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने राज्य सरकार को तमिलनाडु सरकार के सात नवंबर, 2020 के आदेश के अनुसार 15 दिन की अवधि के भीतर सीटों को भरने का निर्देश दिया।

राज्य सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी सीटों पर 2020 के सरकारी आदेश (जीओ) का जोरदार ढंग से बचाव किया था।

पीठ ने कहा, ‘‘तमिलनाडु राज्य ने 16 मार्च, 2022 के एक आदेश के स्पष्टीकरण के लिए इस अदालत का रुख किया है, कि उक्त आदेश याचिकाओं के निपटारे तक बाद के सभी शैक्षणिक वर्षों पर भी लागू होगा। हमने वकीलों की दलीलों को सुना। एएसजी ने कहा कि पिछले साल सेवारत उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कई सीटें नहीं भरी जा सकीं। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति हैं और इसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जा सकता है।’’

पीठ ने कहा, ‘‘हम एएसजी की चिंता को समझते हैं कि इस मुद्दे को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए। हालांकि, वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए, हमें लगता हैं कि राज्य को जीओ के आधार पर सीटें भरने की अनुमति दी जानी चाहिए।’’

उच्चतम न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि 16वें दिन, तमिलनाडु राज्य भारत संघ को सेवारत उम्मीदवारों के लिए आरक्षित उन सभी सीटों के बारे में सूचित करेगा जो खाली रह गई हैं।

उच्चतम न्यायालय ने 14 फरवरी, 2023 को विस्तृत सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध किया और कहा कि रिक्त सीटों को अखिल भारतीय योग्यता सूची के आधार पर भारत संघ द्वारा भरने की अनुमति दी जाएगी।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने दलील दी कि 2016 से सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में कोई आरक्षण नहीं है।

तमिलनाडु की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) अमित आनंद तिवारी ने शीर्ष अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण लेने के लिए एक अंतरिम आवेदन दायर किया है।

उच्चतम न्यायालय ने 16 मार्च को राज्य सरकार को अपने कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में सेवारत उम्मीदवारों के लिए 50 प्रतिशत कोटा जारी रखने की अनुमति दी थी।

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