देश की खबरें | देश के 23 आईआईटी नवंबर में अनुसंधान एवं विकास मेला आयोजित करेंगे : धर्मेन्द्र प्रधान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इस वर्ष नवंबर के दूसरे पखवाड़े में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) मेले का आयोजन करेंगे जिसका उद्देश्य उद्योगों एवं अकादमिक क्षेत्र के बीच व्यापक साझेदारी के लिये एक मंच प्रदान करना है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के निदेशकों के साथ बैठक में यह बात कही ।
नयी दिल्ली, तीन सितंबर देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इस वर्ष नवंबर के दूसरे पखवाड़े में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) मेले का आयोजन करेंगे जिसका उद्देश्य उद्योगों एवं अकादमिक क्षेत्र के बीच व्यापक साझेदारी के लिये एक मंच प्रदान करना है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के निदेशकों के साथ बैठक में यह बात कही ।
उन्होंने कहा कि आईआईटी द्वारा आयोजित किया जाने वाला अनुसंधान एवं विकास मेला आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर एक महत्वपूर्ण आयोजन है। शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ भारत के स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुरू की गयी ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के तहत 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इस वर्ष नवंबर में अनुसंधान एवं विकास मेला आयोजित करेंगे।’’
प्रधान ने कहा कि यह मेला आईआईटी की क्षमताओं एवं उच्च प्रौद्योगिकी संबंधी तत्परता के स्तरों को लेकर भारतीय उद्योग में बेहतर समझ और जागरुकता का निर्माण करेगा।
उन्होंने कहा कि यह अनुसंधान एवं विकास मेला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में परिकल्पित क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ भारतीय और वैश्विक बाजारों के लिए नवाचारों के विकास पर भारतीय उद्योगों के साथ 23 आईआईटी की सहयोगात्मक पहल से जीवन स्तर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और अकादमिक क्षेत्र और उद्योगों द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों में भविष्य के अनुसंधान में निवेश में वृद्धि होगी।
उन्होंने ऊर्जा प्रणालियों, संचार उपकरणों, अपशिष्ट प्रबंधन, संरचनात्मक और वास्तुकला में पारंपरिक ज्ञान के एकीकरण, स्थानिक अनुसंधान आदि पर विषयगत क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
प्रधान ने कहा कि यह अनुसंधान एवं विकास मेला आईआईटी से शुरू हो रहा है और बाद में केंद्र पोषित प्रौद्योगिकी संस्थानों एवं राज्यों के उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी संस्थान को जोड़ा जायेगा ताकि प्रौद्योगिकी विकास एवं नवाचार के लिये नया वातावरण तैयार किया जा सके ।
उन्होंने कहा कि आईआईटी वैश्विक ब्रांड है और अनेक संस्थानों के लिये आदर्श है । इस मेला से उद्योगों एवं अकादमिक क्षेत्र के बीच वृहद साझेदारी के लिये एक मंच मिलेगा ।
शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, इसके तहत लक्ष्य क्षेत्रों में दस विषयों की पहचान की गई है । इन विषयों पर 23 आईआईटी द्वारा पेश की जाने वाली 72 परियोजनाओं को समिति द्वारा छांटा जाएगा। उचित जांच के बाद, इन परियोजनाओं को दो दिवसीय आयोजन में दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा।
इसमें भारतीय उद्योग और वैश्विक संस्थानों के भागीदार, विभिन्न संस्थानों के शिक्षक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वैज्ञानिक, छात्र एवं युवा और अनुसंधान विद्वान शामिल होंगे।
दीपक
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