अब तक 171 श्रमिक ट्रेन चलाई गईं, 1.70 लाख श्रमिकों को गृह राज्य पहुंचाया गया: रेलवे
रेलवे ने कहा कि उसने बुधवार को 56 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई और बृहस्पतिवार को अभी तक 22 ट्रेनें गंतव्य की ओर प्रस्थान कर गई हैं। इसके अतिरिक्त आज रात 26 और ट्रेनें तय समय पर प्रस्थान करेंगी। इनमें 1,200 श्रमिकों को लेकर दिल्ली से मध्य प्रदेश तक जाने वाली पहली ट्रेन भी शामिल है।
नयी दिल्ली, सात मई भारतीय रेलवे ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने एक मई से अब तक 171 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.70 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह नगर पहुंचाया है।
रेलवे ने कहा कि उसने बुधवार को 56 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई और बृहस्पतिवार को अभी तक 22 ट्रेनें गंतव्य की ओर प्रस्थान कर गई हैं। इसके अतिरिक्त आज रात 26 और ट्रेनें तय समय पर प्रस्थान करेंगी। इनमें 1,200 श्रमिकों को लेकर दिल्ली से मध्य प्रदेश तक जाने वाली पहली ट्रेन भी शामिल है।
प्रत्येक विशेष ट्रेन में 24 डिब्बे हैं जिनमें से हर एक डिब्बे में 72 सीटें हैं। लेकिन सामाजिक नियमों का पालन करने के वास्ते एक डिब्बे में केवल 54 लोगों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है और बीच वाली बर्थ किसी भी यात्री को नहीं दी जा रही है।
हालांकि इन सेवाओं में होने वाले खर्च की जानकारी रेलवे की ओर से नहीं दी जा रही है, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि प्रति सेवा रेलवे को 80 लाख रुपये का खर्च वहन करना पड़ा है।
सरकार की ओर से कहा गया था कि राज्यों के साथ 85:15 के अनुपात में खर्च वहन किया गया है।
सेवा की शुरुआत से ही मुख्य रूप से गुजरात और केरल से श्रमिकों को बिहार और उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया।
लॉकडाउन के कारण गुजरात में फंसे विभिन्न राज्यों के 80,000 प्रवासी श्रमिकों को पिछले पांच दिन में 67 विशेष ट्रेनों से उनके गृह राज्य पहुंचाया गया।
एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव अश्वनी कुमार ने बताया, “दो मई से बुधवार रात तक के उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा के 80,408 प्रवासी श्रमिकों को 67 विशेष ट्रेनों से उनके गृह राज्य पहुंचाया गया।”
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ट्रेन में 1,200 यात्रियों को ले जाया गया।
कुमार ने कहा कि बृहस्पतिवार को गुजरात से 34 और ट्रेनें जाएंगी जिनमें 1.20 लाख प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पहुंचाया जाएगा।
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