विदेश की खबरें | कांगो में ‘एम23’ विद्रोही नेताओं की रैली में हुए विस्फोटों में 11 लोगों की मौत, 65 घायल
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

‘कांगो रिवर अलायंस’ (एएफसी) के नेता कॉर्नेल नांगा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई और इसकी जांच जारी है।’’

एएफसी में ‘एम23’ भी शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘65 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से छह की हालत गंभीर है और फिलहाल उनका इलाज किया जा रहा है।’’

जब बुकावु के मध्य भाग में विस्फोट हुए, उस समय नांगा समेत ‘एम23’ विद्रोही समूह के नेता निवासियों से मुलाकात कर रहे थे।

बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और फोटो में बुकावु में बैठक से भागती भीड़ और जमीन पर खून से लथपथ शव दिखाई देते हैं।

‘एम23’ ने कांगो के अधिकारियों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया।

एएफसी ने एक बयान में कहा, ‘‘हम किंशासा के शासन पर आरोप लगाते हैं और उसकी कड़ी निंदा करते हैं, जिसने...नागरिक आबादी को खत्म करने की अपनी योजना को लागू किया है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई, जिनमें किंशासा के कुछ आतंकवादी भी शामिल हैं और कुछ घायल हो गए।’’

बयान में कहा गया, ‘‘इस कायराना और बर्बर कृत्य के परिणाम भुगतने होंगे।’’

कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी ने इस हमले को ‘‘एक जघन्य आतंकवादी कृत्य बताया, जिसे कांगो की धरती पर अवैध रूप से मौजूद विदेशी सेना द्वारा अंजाम दिया गया।’’

‘एम23’ विद्रोहियों ने क्षेत्र में प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है और लगभग 3,000 लोगों की हत्या कर दी है।

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, विद्रोहियों को पड़ोसी देश रवांडा से लगभग 4,000 सैनिकों का समर्थन प्राप्त है।

रैली में मौजूद एक पत्रकार के अनुसार, जब दो विस्फोट हुए, उस समय नांगा मंच छोड़कर जा रहे नेताओं में शामिल थे।

नांगा ने पहले रैली में कहा था कि ‘एम23’ उनके शहर में ‘‘परिवर्तन और विकास’’ ला रहा है।

एपी

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