विदेश की खबरें | श्रीलंका में कोविड-19 के करीब आधे मामलों के लिए जिम्मेदार व्यक्ति ने रखा पक्ष

राज्य खुफिया सेवा के सहायक निदेशक प्रक्रमा डी सिल्वा ने बताया कि राष्ट्रपति पद पर गोटबाया राजपक्षे जब पिछले साल निर्वाचित हुए तो उन्होंने खुफिया सेवा में एक स्वास्थ्य इकाई बनाई और कोविड-19 का पहला मामला सामने आने के साथ यह इकाई सक्रिय हो गई।

उन्होंने बताया कि खुफिया अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुलिस अधिकारी और सैन्यकर्मी एक साथ मिलकर कोरोना वायरस से संक्रमितों और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाते थे और उन्हें सेना द्वारा संचालित पृथकवास केंद्र भेजते थे।

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दिनेश (33) के अप्रैल में कोविड-19 का मरीज होने की पुष्टि हुई जिसके बाद नौसैनिकों ने उसके गांव में छापा मारा और उसके संपर्क में आए लोगों को पृथकवास में जाने को मजबूर किया, लेकिन साथ ही आरोप लगाया कि दिनेश की वजह से और 1,100 लोग संक्रमित हुए हैं।

इन मामलों को सार्वजनिक रूप से घोषित किया गया और केवल एक मरीज से संक्रमण का संबंध जोड़ा गया। सरकारी अधिकारी दिनेश का उल्लेख ‘मरीज संख्या 206’ के रूप में करते हैं और टेलीविजन एवं सोशल मीडिया पर कम से कम तीन संक्रमण केंद्रों और 900 नौसैनिकों के संक्रमित होने के लिए दिनेश को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं क्योंकि ये नौसैनिक राजधानी कोलंबो से 19 किलोमीटर उत्तर स्थित छोटे से कस्बे जा इला में कार्रवाई के बाद संक्रमित हुए थे।

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दिनेश ने कहा कि नशे की लत की वजह से उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। बता दें कि, श्रीलंका में नशा कानूनन अपराध है।

करीब एक महीने तक अस्पताल में रहने के बाद लौटे दिनेश ने कहा, ‘‘ मैं यह स्वीकार नहीं करता कि नौसैनिकों सहित इतने लोगों को संक्रमित करने के लिए मैं जिम्मेदार हूं।’’

महामारी की वजह से श्रीलंका में लागू लॉकडाउन से पहले दिनेश ऑटो रिक्शा चालक का काम करते था, लेकिन अब उसे काम नहीं मिल रहा है।

दिनेश ने कहा, ‘‘लोगों को यह जानकारी मिलने पर कि मैं ही ‘मरीज संख्या 206 हूं, लोग काम नहीं दे रहे हैं।’’

उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया में ‘मरीज संख्या 31’ को कोरोना वायरस का प्रसारक माना जाता है। यह महिला मरीज थी जो गुप्त चर्च समूह की सदस्य थी। मीडिया दिनेश की तुलना इस महिला से कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता अजीत रोहणा ने कहा कि दिनेश ने कोरोना वायरस से श्रीलंका की लड़ाई कमजोर की।

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