विदेश की खबरें | श्रीलंका चुनाव आयोग की सरकार से चुनाव से पहले स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को कानूनी रूप देने की अपील
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कोलंबो, 15 जुलाई श्रीलंका के चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को कानूनी रूप दिए बिना पांच अगस्त को ससंदीय चुनाव कराना ‘‘बेहद मुश्किल’’ हो जाएगा।
चुनाव आयोग ने प्रचार के दौरान नेताओं के स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने और अभियान में शामिल होने वाले लोगों की जिंदगी को खतरे में डालने की बात का भी उल्लेख किया। श्रीलंका चुनाव आयोग के प्रमुख महिंदा देशप्रिय ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को कानूनी रूप दिए बिना चुनाव कराना बेहद मुश्किल हो जाएगा।’’
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देश में दो जून को जारी किए गए दिशा-निर्देशों में मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और एक मीटर की दूरी बनाए रखना आदि शामिल है।
चुनाव प्रचार अभियान में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी सीमित कर दी गई है।
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छह अलग-अलग हिस्सों में अचानक कोविड-19 के मामले बढ़ने के बाद लोगों से स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और अपनी गतिविधियां सीमित करने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों के आगाह करने के बाद चुनाव आयोग ने यह चिंता जाहिर की है।
देशप्रिय ने कहा कि स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के लागू होने के बावजूद नेता चुनाव प्रचार के दौरान इनका पालन नहीं कर रहे हैं।
देश में संसदीय चुनाव पहले 25 अप्रैल को होने वाले थे लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण 20 मार्च से लगाए राष्ट्रव्यापी बंद के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने बाद में चुनाव के लिए 20 जून की तारीख तय की लेकिन बढ़ते मामलों के कारण इसे फिर बदल दिया गया। अंतत:, पांच अगस्त को चुनाव कराने की घोषणा की गई।
स्थानीय मीडिया के अनुसार श्रीलंका में अभी कोरोना वायरस के 2,646 मामले हैं और 11 लोगों की इससे जान जा चुकी है।
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