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ट्रंप प्रशासन के साथ कायम करेंगे घनिष्ठ संबंध, उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण बना रहेगा लक्ष्य: सोल

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिन वोन-सिक ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अब अमेरिका के साथ द्विपक्षीय गठबंधन का 'एकतरफा लाभार्थी' नहीं है. उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए आगामी अमेरिकी प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई.

ट्रंप प्रशासन के साथ कायम करेंगे घनिष्ठ संबंध, उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण बना रहेगा लक्ष्य: सोल

सोल, 12 नवंबर : दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिन वोन-सिक ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अब अमेरिका के साथ द्विपक्षीय गठबंधन का 'एकतरफा लाभार्थी' नहीं है. उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए आगामी अमेरिकी प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई. शिन ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय एकीकरण सलाहकार परिषद और योनहाप समाचार एजेंसी द्वारा सह-आयोजित कोरियाई प्रायद्वीप एकीकरण पर 2024 वैश्विक वार्ता के दौरान की.

शिन ने कहा, "दक्षिण कोरिया अब सोल-वाशिंगटन गठबंधन का एकतरफा लाभार्थी नहीं है. क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा और समृद्धि में योगदान करने की क्षमताओं वाले भागीदार के रूप में, दक्षिण कोरिया अपने मूल हितों की रक्षा करना जारी रखेगा." सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि दक्षिण कोरिया, प्योंगयांग के परमाणु खतरों का मुकाबला करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में नए अमेरिकी प्रशासन के साथ घनिष्ठ तालमेल कायम रखेगा. यह भी पढ़ें : संयुक्त राष्ट्र में सुधार करके उसकी प्रामाणिकता को बचाना होगा: भारत

शिन ने कहा, "सरकार दक्षिण कोरिया में स्वतंत्रता और शांति की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए अगले अमेरिकी प्रशासन के साथ घनिष्ठ सहयोग ढांचा स्थापित करेगी, और हम उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को बनाए रखेंगे." शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने उत्तर कोरिया द्वारा 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' संधि के माध्यम से रूस के साथ सैन्य सहयोग को मजबूत करने की आलोचना की और इसे प्योंगयांग का 'सबसे खराब जुआ' बताया.

उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें एक पारस्परिक सहायता खंड भी शामिल है, जिसके अनुसार यदि किसी भी देश पर हमला होता है, तो दोनों देश सैन्य सहायता प्रदान करेंगे. शिन ने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन संघर्ष में सैन्य सहायता के बदले उत्तर कोरिया को रूस से संवेदनशील सैन्य तकनीक प्राप्त होती है, तो इससे सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकता है. उन्होंने कहा, "रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध कोई दूर का संघर्ष नहीं है, बल्कि दक्षिण कोरिया के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है."

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 12, 2024 03:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).