UK: ब्रिटेन में रूह कंपा देने वाला खुलासा; 20 साल तक पत्नी को नशा देकर करता रहा रेप, पति ने अदालत में 60 अपराधों में कबूला अपना जुर्म
यूनाइटेड किंगडम के ग्रेटर मैनचेस्टर से वैवाहिक विश्वासघात और गंभीर यौन उत्पीड़न का दहला देने वाला मामला सामने आया है. 60 वर्ष से अधिक आयु के एक व्यक्ति ने मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट में स्वीकार किया कि उसने 2004 से 2025 के दौरान दो दशकों से अधिक समय तक अपनी पत्नी को नशीली दवाएं देकर बेहोशी की हालत में उसका लगातार रेप और यौन उत्पीड़न किया. आरोपी ने अदालत में अपने खिलाफ दर्ज सभी 60 आरोपों में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
मैनचेस्टर: ब्रिटेन की एक अदालत में दो दशकों से अधिक समय तक चले एक भयानक और योजनाबद्ध यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी पति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. ग्रेटर मैनचेस्टर के स्टॉकपोर्ट क्षेत्र निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति ने मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट में पेशी के दौरान स्वीकार किया कि उसने अपनी ही पत्नी को नशीला पदार्थ देकर 20 वर्षों से अधिक समय तक अचेत अवस्था में बार-बार रेप और गंभीर यौन शोषण का शिकार बनाया.
The Guardian की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने अपने ऊपर लगे सभी 60 आपराधिक आरोपों को स्वीकार किया। इस दौरान अदालत की दर्शक दीर्घा (पब्लिक गैलरी) में मौजूद पीड़िता अपने परिजनों के साथ बैठी हुई थीं और कार्यवाही के दौरान भावुक नजर आईं. पीड़िता की निजता और पहचान की सुरक्षा के लिए ब्रिटिश कानून के तहत आरोपी पति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. यह भी पढ़ें: Pakistan Viral Video Scam: फेक 'एमएमएस लीक' और अश्लील वीडियो का रीसायकल, जानें कैसे फ़िशिंग स्कैम का शिकार बना रहे हैं साइबर अपराधी
कटघरे में कबूले 60 आरोप: बेहोश कर फोटो और वीडियो भी किए साझा
अदालत में सोमवार, 14 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जब एक के बाद एक आरोप पढ़े, तो आरोपी ने बार-बार 'गिल्टी' (दोषी) कहकर अपनी संलिप्तता स्वीकार की:
- गंभीर अपराधों की सूची: आरोपी द्वारा स्वीकार किए गए 60 आरोपों में 21 मामलों में रेप, गंभीर यौन उत्पीड़न (Assault by Penetration), और किसी व्यक्ति को अचेत करने के इरादे से नशीला पदार्थ देने (Administering a substance with intent) के आरोप शामिल हैं.
- बिना सहमति तस्वीरें साझा करना: आरोपी ने पूर्व में यह भी स्वीकार किया था कि उसने यौन संतुष्टि के लिए अपनी अचेत पत्नी की निजी और अंतरंग तस्वीरें व वीडियो बिना उसकी सहमति के अन्य लोगों के साथ साझा किए थे.
- अपराधों का यह सिलसिला साल 2004 से शुरू होकर अक्टूबर 2025 में उसकी गिरफ्तारी तक अनवरत चलता रहा.
12 सह-आरोपियों ने आरोपों से किया इनकार, चलेगा लंबा ट्रायल
इस मामले में जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपी ने पीड़िता के साथ घिनौने कृत्य में अन्य पुरुषों को भी शामिल होने का अवसर दिया:
- 12 सह-आरोपी ट्रायल पर: मामले में 28 से 74 वर्ष की आयु के 12 अन्य पुरुषों—फिलिप वाइल्ड (58), सीन पीयर्स (38), जॉर्डन वालेस (31), एलन कीलन (42), जोनाथन किर्क (43), रॉबर्ट स्टीवर्ट (70), मोहम्मद साबिर (28), ग्राहम ब्रूघम (74), रिचर्ड टाउनसेंड (37), कार्ल लिंडसे (55), डैनियल रेनर (42) और डेविड ग्रेव्स (59)—पर भी पीड़िता के यौन उत्पीड़न और रेप के आरोप लगे हैं.
- इन सभी 12 आरोपियों ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से साफ इनकार किया है और अदालत में खुद को निर्दोष बताया है.
- वहीं, एक 13वें व्यक्ति ने पहले ही उसी महिला के खिलाफ यौन अपराध स्वीकार कर लिया था.
- 12 सह-आरोपियों का ट्रायल आगामी हफ्तों और महीनों तक जारी रहेगा. सह-आरोपियों के ट्रायल का अंतिम फैसला आने के बाद ही दोषी पति को उसकी सजा सुनाई जाएगी.
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस का बयान: 'पीड़िता को पूर्ण सहायता'
The Times of India के अनुसार, ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के असिस्टेंट चीफ कांस्टेबल रिक जैक्सन ने मामले की जटिलता को रेखांकित करते हुए कहा:
- जांच और काउंसिलिंग: पुलिस का प्राथमिक ध्यान इस वीभत्स दुर्व्यवहार की शिकार पीड़िता को निरंतर विशेषज्ञ सहायता और कानूनी सुरक्षा प्रदान करने पर है.
- नागरिकों को संदेश: उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स या नशीले पदार्थों के माध्यम से किए जाने वाले यौन अपराधों (Drug-Facilitated Sexual Abuse - DFSA) के मामलों में यदि किसी को संदेह है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है, तो शिकायत दर्ज कराने के लिए पूर्ण याददाश्त या पुख्ता सबूतों का होना अनिवार्य नहीं है. पुलिस ऐसे हर संदेह की संवेदनशीलता से जांच करती है.
यह मामला हाल ही में फ्रांस में सामने आए बहुचर्चित डोमिनिक पेलिकोट (Dominique Pelicot) केस की याद दिलाता है, जहां पति ने अपनी पत्नी को नशा देकर दर्जनों अजनबियों से वर्षों तक रेप कराया था. ब्रिटेन में सामने आए इस ताजा खुलासे ने वैवाहिक संबंधों में नशीली दवाओं के जरिए होने वाले अपराधों और निगरानी तंत्र पर गंभीर बहस छेड़ दी है.