Barren Hill: बंजर पहाड़- जहां घास तक नहीं उगती थी, वहां शख्स ने बसा दिया हरा-भरा जंगल! देखें हैरान कर देने वाली तस्वीरें
एक शख्स ने एक ऐसी जमीन पर जंगल उगाया है, जहां पहले घास भी नहीं उगती थी और कोई आता-जाता भी नहीं था. हिकमेत काया ने साल 1978 से पहाड़ी पर छोटे-छोटे पौधे लगाने का काम शुरू किया था.
Barren hill, 13 अप्रैल: तुर्की (Turkey News) के एक रिटायर्ड फॉरेस्ट टेक्नीशियन (Hikmet Kaya) ने अपनी मेहनत से पूरी दुनिया को चौंका दिया है. उन्होंने एक बंजर पहाड़ी को हरे पेड़-पौधों से हरा भरा कर दिया. जिस जगह पर घास उगना भी चमत्कार माना जाता था, अब वहां लाखों की संख्या में पेड़ लहलहा रहे हैं. यह जंगल हिकमेत काया की देन है. RVF Virus: जानवरों से इंसानों में फैल रहा रिफ्ट वैली वायरस, कश्मीरी वैज्ञानिक की खोज ने जगाई इलाज की उम्मीद
हिकमेत काया (Hikmet Kaya) ज़िंदगी के 24 साल तक बोयाबत ज़िले में फॉरेस्ट्री ऑपरेशंस डिपार्टमेंट में हेड अफोरेस्टेशन के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने सिनोप की बंजर पहाड़ी पर करीब 25 मिलियन पौधे लगाए, जो अब बड़े होकर जंगल के तौर पर विकसित हो गए. यहा पेड़ उगाने में उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. क्योंकि ये जगह पेड़-पौधों के लिए सही नहीं थी.
साल 1978 से हिकमेत काया ने पहाड़ी पर छोटे-छोटे पौधे शुरू किए. हिकमेत के साथ विशेषज्ञों की टीम और स्थानीय समुदाय के लोग इसमें शामिल थे, जिन्होंने इस काम में उनकी मदद की.
हिकमेत चाहते थे की ये जगह इंसानों और जानवरों, दोनों के लिए ही राहत भरी बन जाए और आगे चलकर यही हुआ भी. साल 2002 में जब हिकमेत रिटायर हो गए, इसके बावजूद पर्यावरण के प्रति उनका प्रेम बना रहा. उन्होंने पौधे लगाने का काम जारी रखा. अब उन्हें इस पूरे इलाके में हीरो माना जाता है क्योंकि उन्होंने एक असंभव से दिखने वाले काम को संभव बना डाला. बंजर जमीन पर उन्होंने एक-दो नहीं बल्कि लाखों पेड़ उगा दिए. किसी को भी यहां हरी-भरी धरती देखने की उम्मीद नहीं थी. उनकी मेहनत दुनिया के सामने तब आई जब वे इस पहाड़ी की पहले की तस्वीरें दिखाते हुए नज़र आए. हिकमेत को मीडिया का भी खूब अटेंशन मिला.
Goals! pic.twitter.com/SmMYCtAkNK
— Rajkumar M, IFS (@rajkumar_ifs) April 12, 2022
हिकमेत बताते हैं कि बंजर जमीन का जंगल में बदल जाना मेरे लिए प्रेरणादायी था. कुछ सालों पहले हमने तय किया कि हमारे ज़िले में सबे ज्यादा जंगल हों और अब ये एहसास बेहद अच्छा है. इस जंगल में 30 मिलियन से भी ज्यादा पेड़-पौधे हैं. हिकमेत ने कहा कि उन्हें इस काम से खुशी मिलती है. उनके काम से लोग प्ररित हो रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2022 04:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

