अपराधियों के सफाये में सेना की मदद ले सकता है स्वीडन
स्वीडन बीते चार साल से आपराधिक गैंगों से जूझ रहा है.
स्वीडन बीते चार साल से आपराधिक गैंगों से जूझ रहा है. सितंबर के महीने में ही देश में 12 लोगों की हत्या हो चुकी है.दुनिया के समृद्ध और खुश रहने वाले देशों में शुमार स्वीडन में फायरिंग और बमबारी जैसी वारदातें बहुत ज्यादा होने लगी हैं. बीते चार बरसों में इन अपराधों के कारण कई युवा, किशोर और बच्चे मारे जा चुके हैं. देश में बुधवार और गुरुवार को 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की हत्या हुई.
पहली हत्या राजधानी स्टॉकहोम से सटे इलाके में हुई. पुलिस के मुताबिक वहां 18 साल के एक युवक को सबके सामने फुटबॉल मैदान पर गोली मारी गई. दूसरी वारदात भी राजधानी से सटे एक अन्य इलाके में हुई, जहां दो लोगों को गोली मारी गई. इनमें से एक ही मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. तीसरी वारदात स्टॉकहोम से 70 किलोमीटर दूर उपसाला शहर में हुई. वहां यूनिवर्सिटी के पास एक धमाका हुआ, जिसमें 25 साल की एक युवती की मौत हो गई.
क्यों होती हैं स्वीडन में कुरान जलाने की घटनाएं
स्वीडन के सरकारी टेलिविजन चैनल एसवीटी के मुताबिक सितंबर के महीने में ही गोलीबारी और धमाकों में 12 लोग मारे जा चुके हैं. 2022 में भी देश में 391 गोलीबारी के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 62 जानलेवा थे. उपसाल की पुलिस अधिकारी काटारिना बोवाल ने गुरुवार को प्रेस से कहा, "अपराध अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुका है. उपसाला समेत पूरे देश में स्थिति बहुत ही ज्यादा गंभीर है."
आपराधिक गैंगों का शिकार करने का एलान
इसके बाद स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने अपराधी गैंगों पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठाने का एलान किया. गुरुवार को देश को संबोधित करते हुए पीएम क्रिस्टर्सन ने कहा, "हम गैंगों का शिकार करेंगे और हम गैंगों को हराएंगे."
प्रधानमंत्री शुक्रवार को देश के पुलिस चीफ आंदेर्स थॉर्नबर्ग और मिलिट्री कमांडर इन चीफ मिकाएल बिडेन से मिलने वाले हैं. इस मुलाकात में हथियारबंद गैंगों पर चर्चा की जाएगी और देखा जाएगा कि सेना इसमें कैसे मदद कर सकती है. क्रिस्टर्सन के मुताबिक, "हम उन्हें न्याय तक लाएंगे. अगर वे स्वीडिश नागरिक हैं तो उन्हें बहुत ही लंबी जेल की सजा होगी. अगर वे विदेशी नागरिक हैं तो उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा."
गैंगों के लिए नर्सरी बना समानान्तर समाज
स्वीडन कई साल से आपराधिक गैंगों से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री को लगता है कि "गैर जिम्मेदाराना आप्रवासन नीतियों और समेकन में नाकामी के कारण" स्वीडन यहां तक पहुंचा है. सरकार के मुखिया मानते हैं कि सामाजिक रूप से अलग थलग हुआ समाज, अपराधिक गैंगों के लिए नर्सरी का काम कर रहा है, "वे निर्दयता से बच्चों को भर्ती कर सकते हैं और उन्हें प्रशिक्षित कर भविष्य का हत्यारा बना सकते हैं."
आम तौर पर शांत माने जाने वाले स्वीडन में गैंगों के अपराध से जुड़े कानून हैं ही नहीं. देश को कभी इनकी जरूरत महसूस नहीं हुई. लेकिन अब सरकार को लगता है कि आप्रवासन नीतियों और न्यायिक स्तर पर नियम कानून बदलने होंगे.
एक उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किशोर या युवा अपराधियों को जेल में वयस्क अपराधियों से अलग रखना होगा. इसके साथ ही हर बच्चे को स्वीडिश भाषा सिखाई जाएगी.
ओएसजे/एनआर (डीपीए, एएफपी)
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2023 03:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

