Riyadh Airport Attack: रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला, 12 लोगों की मौत, 300 से अधिक घायल; VIDEO
मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। अधिकारियों ने संपत्ति को हुए नुकसान की पुष्टि की है और नुकसान के सटीक आकलन का काम अभी जारी है.
Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार, 10 अक्टूबर को हुए एक भीषण हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 309 अन्य घायल हो गए। देश के आम नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) द्वारा रविवार को जारी किए गए एक अद्यतन बयान में इस बात की पुष्टि की गई है. कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है. अधिकारियों ने संपत्ति को हुए नुकसान की पुष्टि की है और नुकसान के सटीक आकलन का काम अभी जारी है. यह भी पढ़े: वैश्विक तेल बाजार में उबाल: अमेरिका-ईरान वार्ता टलने से कच्चे तेल की कीमतों में 4% का उछाल, नेतन्याहू बोले- 'जंग अभी खत्म नहीं हुई'
रियाद एयरपोर्ट पर हमला
उड़ानों का संचालन और सुरक्षा उपाय
हमले के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे पर परिचालन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया, क्योंकि अधिकारी नुकसान का आकलन करने और सुरक्षा निरीक्षण करने में जुटे थे। घायलों को तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए एम्बुलेंस सहित आपातकालीन सेवाएं मौके पर भेजी गईं।
सुरक्षा चिंताओं के कारण कई एयरलाइंस ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें रद्द या निलंबित कर दी हैं, जबकि आने वाली उड़ानों को अन्य सुरक्षित स्थानों पर डायवर्ट कर दिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे की यात्रा करने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस से नवीनतम उड़ान स्थिति की जांच कर लें। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। ब्रिटिश अधिकारियों ने भी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित होने तक अपने नागरिकों को हवाई अड्डे से दूर रहने को कहा है।
सऊदी अरब के विमानन बुनियादी ढांचे पर बार-बार हमले
यह ताज़ा हमला 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए पिछले हमलों के बाद हुआ है. जीएसीए (GACA) के अनुसार, उन पिछली घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी और 36 लोग घायल हुए थे। इन लगातार हमलों के कारण सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, जिसके चलते एयरलाइंस अपनी उड़ानों की समीक्षा कर रही हैं।
यमन संघर्ष और हूती विद्रोहियों का बढ़ता तनाव
यह हवाई अड्डा हमला सऊदी समर्थित यमन सरकार के बलों और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष के तेज होने के बीच हुआ है. यमन में लड़ाई तेज होने के बाद से सऊदी अरब इस समूह के खिलाफ सैन्य अभियानों का समर्थन कर रहा है।
संघर्ष को रोकने में मददगार रहे संघर्ष विराम के टूटने से नए सिरे से लड़ाई शुरू हो गई है और सऊदी ठिकानों पर हमले बढ़े हैं। हूती विद्रोहियों ने वैश्विक एयरलाइंस को भी सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी है और इसे सैन्य अभियानों का क्षेत्र करार दिया है। हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवाई अड्डे पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत उचित जवाब देने का संकल्प लिया है.
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
सऊदी अरब पर हुए इन हमलों की दुनिया भर के देशों ने कड़ी निंदा की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि ये नागरिकों के जीवन के प्रति घोर अनादर को दर्शाते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वाशिंगटन इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या उसे हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी के सैन्य अभियानों में शामिल होना चाहिए, और नवीनतम घटनाक्रम की समीक्षा के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है.