विदेश

जेलेंस्की से नाराज पोलैंड यूक्रेन को और हथियार नहीं देगा

पोलैंड ने यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई नहीं करने के एलान पर ज्यादा जानकारी दी है.

जेलेंस्की से नाराज पोलैंड यूक्रेन को और हथियार नहीं देगा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

पोलैंड ने यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई नहीं करने के एलान पर ज्यादा जानकारी दी है. गेंहू विवाद पर यूक्रेनी राष्ट्रपति के संबोधन से पोलैंड के नेता नाराज हुए है.पोलैंड के प्रधानमंत्री मातेउश मोराविएस्की ने बुधवार को सख्त लहजे में कहा कि उनका देश अब यूक्रेन को नए हथियार नहीं देगा. रूस के आक्रमण के विरुद्ध यूक्रेन का पहले दिन से साथ दे रहे पोलैंड की इतनी कड़ी प्रतिक्रिया यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के भाषण के बाद आई.

जेलेंस्की के लिए आदर्श नहीं, पर अच्छा रहा नाटो सम्मेलन

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अनाज निर्यात का मुद्दा उठाया. किसी का नाम लिए बगैर जेलेंस्की ने कहा कैसे कुछ देश यूक्रेन के साथ बंधुत्व में बहाने बना रहे हैं. जेलेंस्की ने यूएन प्रतिनिधियों से कहा, "यह देखना चिंताजनक है कि यूरोप में कुछ...मॉस्को के एक्टरों के लिए स्टेज सजाने में मदद कर रहे हैं."

अनाज का मुद्दा बना उबाल

कीव की आर्थिक मदद के लिए यूक्रेन का अनाज पोलैंड के रास्ते भी विदेशों तक भेजा जा रहा था. इस दौरान अनाज का बड़ा हिस्सा पोलैंड समेत अन्य यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने लगा. नियमों के तहत तीसरे देश से ईयू के मार्केट में गैरकानूनी तरीके से आ रहे उत्पादों को रोकना यूरोपीय आयोग की जिम्मेदारी है. पोलैंड ने इसी प्रावधान का हवाला देते हुए यूरोपीय आयोग से यूक्रेनी अनाज का ट्रांजिट बंद करने की मांग की. पोलैंड की मांग स्वीकार ली गई और 15 सितंबर तक ईयू में यूक्रेनी अनाज के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया.

अनाज समझौते पर रूस और तुर्की की बैठक

यूरोपीय आयोग के इस फैसले से कीव नाराज हुआ. यूक्रेनी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से कहना शुरू कर दिया कि खुद को भरोसेमंद साथी कहने वाले देश राजनीतिक और आर्थिक मुसीबत में उसकी मदद नहीं कर रहे हैं.

दूसरी तरफ यूरोपीय संघ की कार्यप्रणाली का आर्टिकल 32 कहता है कि किसी सदस्य के देश के घरेलू बाजार को व्यवधान से बचाना यूरोपीय आयोग का कर्तव्य है. पोलैंड, स्लोवाकिया और हंगरी ने इसी प्रावधान के तहत पिछले हफ्ते यूरोपीय संघ से मांग की कि वह यूक्रेन की अनाज के ट्रांजिट पर सितंबर के बाद भी पाबंदी बहाल रखे. पोलैंड में 15 अक्टूबर को संसद के चुनाव होने है. पोलैंड के कुछ किसानों का कहना है कि यूक्रेन से आ रहे अनाज से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है. ऐसी ही मांगें हंगरी और स्लोवाकिया की सरकारों के सामने भी हैं.

जेलेंस्की के भाषण से भड़का पोलैंड

जेलेंस्की के भाषण के बाद बुधवार को पोलैंड की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई. देश ने वॉरसा में तैनात यूक्रेन के राजदूत को भी तलब किया. पोलैंड के प्रधानमंत्री मोराविएस्की ने कहा, "हम यूक्रेन को और हथियार नहीं दे रहे हैं क्योंकि अब हम खुद पोलैंड को आधुनिक हथियारों से लैस कर रहे हैं."

पोलिश प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "यूक्रेन खुद को रूस के बर्बर हमले से बचा रहा है, और मैं इस स्थिति को समझता हूं, लेकिन हम अपना देश भी बचाएंगे."

पोलैंड अब तक युद्ध में यूक्रेन का सबसे ज्यादा सक्रियता से साथ देने वाला देश रहा है. वॉरसा ने जेलेंस्की सरकार को मिग-29 लड़ाकू विमान और लेपर्ड टैंक भी दिए. पश्चिमी साझेदारों के हथियार भी पोलैंड के रास्ते ही यूक्रेन तक पहुंचते हैं. पोलैंड नाटो का पहला ऐसा देश है जिसने इस साल मार्च में यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने का मुद्दा उठाया और महीने भर बाद डिलीवरी भी कर दी.

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पोलैंड में करीब 10 लाख यूक्रेनी शरणार्थी रह रहे हैं. पोलैंड की सरकार ने उन्हें कई सुविधाएं भी दी हैं. हाल के दिनों में अनाज को लेकर दोनों देशों में मतभेद पैदा हुए हैं.

जेलेंस्की को संदेश

गुरुवार को पोलैंड की सरकार ने प्रधानमंत्री के बयान पर सफाई दी. पोलिश सरकार के प्रवक्ता ने कहा, "हथियारों की डिलीवरी से जुड़े सवालों पर, मैं आपको जानकारी देना चाहूंगा कि पोलैंड किए गए समझौते के तहत ही गोला बारूद और हथियार देगा. इसमें यूक्रेन के साथ हस्ताक्षर वाले कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं."

पोलिश सरकार के प्रवक्ता पियोत्र मुलर के मुताबिक यूक्रेन ने हाल के समय में सिलेसिलेवार तरीके से गंभीर और "पूरी तरह अस्वीकार्य बयानों व कूटनीतिक कदमों" का प्रदर्शन किया है. जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय प्रसारक डीडब्ल्यू से बात करते हुए मुलर ने कहा, "गर्म बहस चल रही है लेकिन हमें बड़ी तस्वीर को देखने की जरूरत है." पोलैंड के अधिकारी ने डीडब्ल्यू से कहा कि युद्ध के बाद से उनका देश यूक्रेन का सबसे बड़ा मददगार रहा है. पोलिश जीडीपी का 0.5 फीसदी हिस्सा यूक्रेन की मदद में लगा है.

ओएसजे/एनआर (डीपीए, एएफपी, रॉयटर्स)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 22, 2023 12:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).