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FBI की 10 वांटेड की लिस्ट में भारतीय मूल का है एक शख्स, सिर पर 100,000 का डॉलर इनाम

अमेरिका(America) के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने जनता के बीच भारतीय मूल के भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल की सूचना देने पर 100,000 डॉलर के इनाम राशि की पेशकश को फिर से दोहराया है. गौरतलब है कि यह व्यक्ति एफबीआई की 2017 में जारी 10 मोस्ट वांटेड सूची में से एक है.

FBI की 10 वांटेड की लिस्ट में भारतीय मूल का है एक शख्स,  सिर पर 100,000 का डॉलर इनाम
एफबीआई ( फोटो क्रेडिट- Wikimedia commons)

न्यूयॉर्क, 28 नवंबर : अमेरिका(America) के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने जनता के बीच भारतीय मूल के भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल की सूचना देने पर 100,000 डॉलर के इनाम राशि की पेशकश को फिर से दोहराया है. गौरतलब है कि यह व्यक्ति एफबीआई की 2017 में जारी 10 मोस्ट वांटेड सूची में से एक है. पटेल ने साल 2015 में कथित तौर पर अपनी पत्नी पलक की हनोवर के मैरीलैंड राज्य में डंकिन डोनट्स कॉफी शॉप के अंदर चाकू से मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा है. उस पर हत्या का आरोप है. हालांकि उसे 2017 में वांछितों की सूची में तब डाला गया था, जब उसे एफबीआई पकड़ नहीं पाई थी. उस पर 100,000 डॉलर का इनाम रखा गया है और शुक्रवार को एफबीआई ने उसके और इनाम के बारे में जानकारी देते हुए जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए ट्वीट किया.

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एफबीआई ने लोगों से कहा है कि अगर वे व्यक्ति के बारे में जानते हैं या फिर उन्हें यह पता है कि वह कहा है, तो एजेंसी या निकटतम अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें. डब्ल्यूटीओपी रेडियो ने अधिकारियों के हवाले से बताया, "घटना के दौरान पटेल 24 साल का था, उसने कथित तौर पर अपनी 21 वर्षीय पत्नी पर दुकान के पिछले हिस्से में रसोई के चाकू से कई बार प्रहार किया था, उस दौरान वहां ग्राहक भी मौजूद थे. वे दोनों वहां काम करते थे."

उसने आखिरी बार न्यू जर्सी के एक होटल से राज्य के नेवार्क में एक ट्रेन स्टेशन के लिए टैक्सी ली थी. उस समय ऐनी अरुंडेल काउंटी के पुलिस प्रमुख रहे टिम अल्टोमारे ने रेडियो को बताया, "इस मामले में हिंसा भड़की थी. यह दिल दहला देने वाला था और यह पुलिस विभाग के लिए झटका था."

डब्ल्यूटीओपी ने बताया कि जांचकतार्ओं को लगता है कि जब 2017 में पटेल को वांछितों की सूची में रखा गया, तब वह अमेरिका में था और अल्टोमेयर के अनुसार जांचकर्ताओं का मानना है कि कोई जानबूझकर पटेल की मदद कर रहा था या फिर उसके कथित अपराध के बारे में जाने बिना उसकी मदद कर रहा था. यह भी पढ़ें : देश की खबरें | बाइक बोट घोटाला : अदालत के आदेश पर 58 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

रेडियो ने बताया कि 2017 में एफबीआई के बाल्टीमोर क्षेत्र कार्यालय के विशेष प्रभारी एजेंट गॉर्डन जॉनसन के अनुसार, "पटेल को इस अपराध की क्रूरता और के कारण सूची में डाला गया था और ऐसी संभावना थी कि अमेरिका के बाहर किसी को पता है कि वह कहा है. "इस घटना के एक महीने पहले ही दोनों के वीजा की अवधि खत्म हो गई थी और जांचकतार्ओं का मानना है कि पलक पटेल भारत वापस लौटना चाहती थी, लेकिन उसके पति ने इसका विरोध किया था.

एफबीआई के अनुसार, पटेल का जन्म गुजरात के कन्त्रोदी ता विरमगाम में हुआ था.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 28, 2020 03:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).