Pakistan News: पाकिस्तान में अजीबोगरीब मामला! बिना बाजू वाले शख्स के खिलाफ दर्ज हुआ पत्थरबाजी का केस
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पुलिस की एक अजीबोगरीब कार्रवाई सामने आई है. 5 अगस्त को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया
Pakistan News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पुलिस की एक अजीबोगरीब कार्रवाई सामने आई है. 5 अगस्त को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, जिसके दोनों हाथ (बाजू) ही नहीं हैं. आरोपी पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों पर डंडे बरसाने और पत्थरबाजी करने का संगीन आरोप लगाया गया था.
पुलिस का आरोप और गिरफ्तारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 अगस्त को इस्लामाबाद में PTI कार्यकर्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था. प्रदर्शन के बाद जब लतीफ उल्लाह सदोजई नाम के शख्स अपने अन्य साथियों के साथ वापस तलागंग लौट रहे थे, तब इस्लामाबाद के करपा थाना पुलिस ने उनकी गाड़ी रोककर तलाशी ली. इसके बाद पुलिस ने गाड़ी में मौजूद अन्य लोगों के साथ लतीफ उल्लाह को भी हिरासत में ले लिया. यह भी पढ़े: VIDEO: महाराष्ट्र में अजीबोगरीब मामला, जलगांव के जामनेर डिपो से ST की बस चोरी, टायर पंचर होने पर चोर रास्ते में लावारिस छोड़कर भागा
पाक में अजीबों-गरीब मामला
थाना करपा में दर्ज प्राथमिकी (FIR) में पुलिस ने लतीफ उल्लाह पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पर लाठियों से हमला करने और पत्थर फेंकने का आरोप लगाया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत से आरोपी का तीन दिन का शारीरिक रिमांड भी हासिल कर लिया.
अदालत में खुला मामला
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट रिजवान-उद-दीन की अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान लतीफ उल्लाह के वकील सरदार मारूफ एडवोकेट ने अदालत का ध्यान अपने मुवक्किल की शारीरिक स्थिति की ओर आकर्षित किया. उन्होंने दलील दी कि जिस व्यक्ति के दोनों बाजू ही नहीं हैं, वह पुलिस पर पत्थरबाजी या लाठी से हमला कैसे कर सकता है?
वकील की दलील के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने ही लतीफ उल्लाह का शारीरिक परीक्षण किया गया. परीक्षण में इस बात की आधिकारिक पुष्टि हुई कि उनके दोनों बाजू गायब हैं.
पुलिस की अनदेखी और कोर्ट का फैसला
लतीफ उल्लाह सदोजई ने बताया कि गिरफ्तारी के समय उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपनी शारीरिक अक्षमता के बारे में बार-बार सूचित किया था, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी.
अदालत ने पुलिस की जांच और आरोपों पर गंभीर सवाल उठाते हुए लतीफ उल्लाह सदोजई को तुरंत मामले से डिस्चार्ज (बरी) करने का आदेश जारी किया. बिना बाजू वाले व्यक्ति पर हिंसा और पत्थरबाजी का केस दर्ज करने की इस घटना ने पाकिस्तान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.