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Pakistan: सिंध पर बलूचिस्तान का पानी चुराने का आरोप

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सांसदों ने सिंध पर प्रांत के पानी के हिस्से को चुराने का आरोप लगाया है और सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण को संघीय इकाइयों के बीच पानी का उचित वितरण सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है.

Pakistan: सिंध पर बलूचिस्तान का पानी चुराने का आरोप
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: wikimedia commons)

क्वेटा, 11 जून : पाकिस्तान (Pakistan) के बलूचिस्तान में सांसदों ने सिंध पर प्रांत के पानी के हिस्से को चुराने का आरोप लगाया है और सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण को संघीय इकाइयों के बीच पानी का उचित वितरण सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, प्रांतीय विधानसभा सत्र के दौरान एक मुद्दे पर बोलते हुए, पूर्व वरिष्ठ मंत्री मीर जहूर बुलेदी ने आरोप लगाया कि सिंध बलूचिस्तान का पानी चुरा रहा है. बुलेदी ने डिप्टी स्पीकर सरदार बाबर खान मुसाखाइल की अध्यक्षता में सत्र में कहा, "सिंध हमारे हिस्से का पानी चुरा रहा है." बलूचिस्तान के संचार और निर्माण मंत्री सरदार अब्दुल रहमान खेतान ने उनके विचारों का समर्थन किया.

खेतान ने कहा, "सिंध और संघीय सरकार बलूचिस्तान के जल हिस्से की चोरी कर रही है." "इससे प्रांत के हरित क्षेत्र के किसान और उत्पादक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं." सत्ता पक्ष और विपक्षी दोनों पीठों के सांसदों ने लगातार हो रही चोरी की कड़ी निंदा की. सदन ने सर्वसम्मति से सिंध सरकार से प्रांत के किसानों की शिकायतों को दूर करने के लिए इस पर ध्यान देने का आग्रह किया. बलूचिस्तान ने हमेशा सिंध पर उसके हिस्से का पानी चुराने का आरोप लगाया है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, नसीराबाद और जाफराबाद जिलों के किसान पिछले कुछ वर्षों से इसका विरोध कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : America: अमेरिका में खेत में आग लगने से पटाखों में विस्फोट, एक की मौत, तीन झुलसे

सत्र के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य मुबीन खिलजी ने निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर पाकिस्तान निर्वाचन आयोग द्वारा उठाई गई आपत्ति की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया. खिलजी ने कहा कि, निर्वाचन क्षेत्रों का गठन योग्यता के आधार पर होना चाहिए था न कि किसी की व्यक्तिगत इच्छा के आधार पर. सांसदों ने बलूचिस्तान में हाल के परिसीमन की आलोचना की और ईसीपी से राजनीतिक दलों की शिकायतों को दूर करने के लिए इस संबंध में अपने निर्णय की समीक्षा करने की मांग की.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2022 02:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).