Pakistan Airspace Ban Extended: पाकिस्तान ने भारतीय उड़ानों पर एयरस्पेस बैन 24 अक्टूबर तक बढ़ाया; जारी किया नया NOTAM
पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया है. पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी द्वारा बुधवार, 16 सितंबर को जारी नए 'नोटिस टू एयरमेन' के अनुसार, यह पाबंदी अब 24 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी.
इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक और भू-राजनीतिक तनाव का असर दोनों देशों के विमानन क्षेत्र पर लगातार बना हुआ है. पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने भारतीय विमानों के अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने पर लगे हवाई प्रतिबंध (Airspace Ban) को एक महीने के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया है.
The Tribune की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने बुधवार, 16 सितंबर को एक नया 'नोटिस टू एयरमेन' (NOTAM) जारी कर पुष्टि की कि भारतीय विमानों पर यह पाबंदी अब 24 अक्टूबर 2026 की सुबह 04:59 बजे तक लागू रहेगी. पूर्व में लागू प्रतिबंध की अवधि 24 सितंबर को समाप्त हो रही थी, जिसे मियाद पूरी होने से पहले ही आगे बढ़ा दिया गया है. यह भी पढ़ें: अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज; भारत ने पाक राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया कड़ा विरोध
नए NOTAM में क्या कहा गया?
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश में प्रतिबंध के दायरे को पूरी तरह स्पष्ट किया गया है:
- प्रतिबंध का दायरा: NOTAM के अनुसार, "पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र भारत में पंजीकृत सभी विमानों, भारतीय एयरलाइंस या ऑपरेटरों द्वारा संचालित, स्वामित्व वाले या लीज पर लिए गए वाणिज्यिक विमानों और सैन्य उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा."
- प्रभावी समय सीमा: यह नया विस्तार बुधवार सुबह 10:45 बजे से प्रभावी हो चुका है और 24 अक्टूबर 2026 की सुबह 04:59 बजे तक जारी रहेगा.
- दोनों रीजन्स पर लागू: पाकिस्तान का संपूर्ण हवाई क्षेत्र दो मुख्य फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन्स—कराची (OPKR) और लाहौर (OPLR) में बंटा हुआ है. नया आदेश इन दोनों एफआईआर पर पूर्ण रूप से लागू रहेगा.
अप्रैल 2025 से दोनों देशों ने बंद कर रखा है हवाई क्षेत्र
हवाई मार्गों पर इस गतिरोध की पृष्ठभूमि पिछले वर्ष हुए सुरक्षा घटनाक्रमों से जुड़ी है:
- पहलगाम आतंकी हमला: अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था.
- पारस्परिक हवाई पाबंदियां: घटना के तुरंत बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के वाणिज्यिक और सैन्य विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र को पारस्परिक (Reciprocal) रूप से बंद कर दिया था.
- तब से लेकर अब तक पाकिस्तान समय-समय पर NOTAM जारी कर इस पाबंदी की अवधि को लगातार आगे बढ़ाता रहा है, और यह इस प्रतिबंध का 17वां विस्तार है.
भारतीय एयरलाइंस और यात्रियों पर पड़ रहा असर
The Pioneer की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद रहने से पश्चिमी देशों और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) की ओर जाने वाली भारतीय उड़ानों को परिचालन संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है:
- लंबे मार्ग और ईंधन का खर्च: उत्तर भारत (दिल्ली, पंजाब आदि) से यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व जाने वाली उड़ानों को पाकिस्तान के ऊपर से उड़ने के बजाय अरब सागर या दक्षिण भारत से घूमकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है.
- यात्रा समय में वृद्धि: वैकल्पिक और घुमावदार मार्गों के कारण लंबी दूरी (Long-Haul) की उड़ानों में 5 से 3 घंटे तक का अतिरिक्त समय लगता है, जिससे एयरलाइंस की ईंधन लागत और टिकट दरों पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है.
नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों पड़ोसी देशों के बीच समग्र कूटनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार नहीं होता, तब तक क्षेत्रीय हवाई गलियारों के सामान्य होने की संभावना बेहद कम है.