Nepal Landslide: उफनती काली गंडकी नदी में समाया पहाड़ का बड़ा हिस्सा; नेपाल में बारिश और भूस्खलन से 24 की मौत, पुल बहा और बिजली उत्पादन ठप

पड़ोसी देश नेपाल में पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इंटरनेट पर सामने आए एक भयावह वीडियो में काली गंडकी नदी के किनारे स्थित एक विशालकाय पहाड़ का बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढहकर उफनती नदी में समाता दिखाई दिया. प्राकृतिक आपदा की इस ताजा लहर में नेपाल के विभिन्न पर्वतीय जिलों में अब तक कम से कम 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 लोग लापता हैं.

काठमांडू: लगातार मानसूनी बारिश और बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी दबाव के कारण नेपाल इस समय भीषण जलप्रलय और भूस्खलन की चपेट में है. The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा ने नदियों को खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा दिया है.

इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक विचलित करने वाले वीडियो ने पर्वतीय इलाकों में रहने वाले समुदायों के सामने खड़े जीवन-मरण के संकट को उजागर किया है, जहां विशालकाय पहाड़ ढलान से टूटकर सीधे काली गंडकी नदी में गिरते नजर आ रहे हैं. यह भी पढ़ें: Nepal Flash Floods: नेपाल में बाढ़ का कहर जारी, मरने वालों की संख्या बढ़कर 781 हुई, 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता

सेकंडों में नदी में समा गया पहाड़

सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में प्रकृति का खौफनाक मंजर कैद हुआ है:

स्यांग्जा-गुल्मी मोटर पुल बहा, कई बस्तियां कटीं

The Annapurna Express की रिपोर्ट के अनुसार, काली गंडकी नदी के उफान ने बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंचाई है:

भारी बारिश के बीच पूरा पहाड़ काली गंडकी नदी में समा गया

24 लोगों की मौत, 14 लापता; कई जिले बुरी तरह प्रभावित

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, भारी बारिश और भूस्खलन से जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है:

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर ब्रेक: मिर्मी बांध के सभी गेट खोले गए

OnlineKhabar की रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते जलस्तर का सीधा असर देश के ऊर्जा उत्पादन पर पड़ा है:

राहत और बचाव अभियान जारी

नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें दुर्गम पहाड़ी बस्तियों में राहत कार्यों में जुटी हैं। नदी किनारे रहने वाले सभी परिवारों को सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने की एडवाइजरी जारी की गई है. मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे भूस्खलन का जोखिम अभी बरकरार है.

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