Israel Hamas War: गिरफ्तार हमास आतंकवादियों को कानूनी सहायता नहीं देगा इजरायल, यहूदियों की हत्या का चलेगा मुकदमा

इजरायल में वकील रखने में अक्षम लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने वाले सरकारी विभाग पब्लिक डिफेंस ने साफ तौर पर कहा है कि कोई भी वकील या कानूनी फर्म 7 अक्टूबर के हमले और नरसंहार के बाद गिरफ्तार किसी भी हमास आतंकवादी का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा.

Israel-Hamas War

तेल अवीव, 10 नवंबर : इजरायल में वकील रखने में अक्षम लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने वाले सरकारी विभाग पब्लिक डिफेंस ने साफ तौर पर कहा है कि कोई भी वकील या कानूनी फर्म 7 अक्टूबर के हमले और नरसंहार के बाद गिरफ्तार किसी भी हमास आतंकवादी का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा. इजराइल पब्लिक डिफेंस के फैसले का न्याय मंत्री यारिव लेनिन ने स्वागत किया. उन्‍होंने कहा, "मैं 7 अक्टूबर को इज़राइल में हत्या और तबाही को अंजाम देने वाले हमास की हत्याओं का प्रतिनिधित्व करने से इनकार करने के पब्लिक डिफेंस के फैसले का स्वागत और समर्थन करता हूं." उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय गिरफ्तार आतंकवादियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए काम करता रहेगा. संविधान, कानून और न्याय आयोग के अध्यक्ष, एम.के. सिम्चा रोटमैन ने यह भी कहा कि पब्लिक डिफेंस को अदालतों में आतंकवादियों का प्रतिनिधित्व नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा, “स्‍वॉर्ड्स ऑफ आयरन युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने यह रुख अपनाया है कि सामान्य रूप से आतंकवाद और विशेष रूप से हमास आतंकवाद से निपटने के लिए आपराधिक कानून सही उपकरण नहीं है. "हमें एक नए बुनियादी ढांचे की जरूरत है जो बर्बर बलात्कार और नरसंहार करने वाले नीच हत्यारों से निपटने के लिए उपयुक्त हो, जिसे आपराधिक कानून सामान्य रूप से नहीं समझ सकता है." इज़रायल पब्लिक डिफेंस ने 1961 में एक पूर्व नाजी अधिकारी ओटो एडोल्फ इचमैन का प्रतिनिधित्व करने से इनकार कर दिया था, जिसे मई 1960 में अर्जेंटीना में इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसादने पकड़ लिया था और इज़रायल के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मुकदमा चलाया गया था. यह भी पढ़ें: Israel Appeal On Diwali 2023: दिवाली पर इजरायल की खास अपील- बंधकों के लिए हर घर में एक दीया जलाएं सभी भारतीय

परिणामस्वरूप, इचमैन को अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए जर्मनी से एक वकील लाना पड़ा. एडॉल्फ हिटलर के करीबी और नरसंहार के प्रमुख में से एक इचमैन के अत्यधिक प्रचारित मुकदमे के परिणामस्वरूप उन्हें यरूशलम में दोषी ठहराया गया जिसके बाद उन्हें 1962 में फाँसी दे दी गई. इचमैन पर यहूदी लोगों के खिलाफ किए गए अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नाजी शासन के तहत युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया था.

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