Iran Rejects Donald Trump Claim: ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य पर रहेगा सिर्फ हमारा नियंत्रण; जंग के बीच फिर बढ़ा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नए शांति समझौते के तहत 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को खोल दिया जाएगा. ईरान का कहना है कि यह रणनीतिक जलमार्ग हमेशा उनके ही नियंत्रण में रहेगा.

Strait of Hormuz

Iran Rejects Donald Trump Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ एक बड़े शांति समझौते (Peace Deal) और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से खोलने के किए गए दावों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' (Fars News Agency) ने अपनी एक रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यह रणनीतिक जलमार्ग पूरी तरह से तेहरान के नियंत्रण और प्रबंधन में रहेगा. ईरान के इस कड़े रुख के बाद दोनों देशों के बीच होने वाले संभावित समझौते के भविष्य पर एक बार फिर संशय के बादल मंडराने लगे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर क्या दावा किया था?

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा की थी. उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका, ईरान और कई अरब व मुस्लिम देशों के बीच शांति बहाली और एक समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर "काफी हद तक बातचीत" पूरी हो चुकी है.

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा था कि अंतिम पहलुओं और बारिकियों पर चर्चा चल रही है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी. उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया था कि इस समझौते के कई मुख्य तत्वों के साथ-साथ 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को भी वैश्विक व्यापार के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा.

ईरान का पलटवार: प्रबंधन में कोई बदलाव नहीं होगा

ईरान की शक्तिशाली 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के करीबी माने जाने वाले मीडिया आउटलेट फार्स न्यूज एजेंसी ने ट्रंप के इस दावे को "हकीकत से परे" बताया है.

ईरानी सूत्रों के अनुसार, तेहरान केवल इस बात पर सहमत हुआ है कि युद्ध के कारण प्रभावित हुए वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध-पूर्व के स्तर पर वापस लाया जाए. ईरान ने साफ किया है कि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि जलमार्ग में पहले की तरह 'मुक्त आवाजाही' (Free Passage) की अनुमति दी जाएगी. जलमार्ग का प्रबंधन, जहाजों का मार्ग तय करना, समय और परमिट जारी करने का एकाधिकार पूरी तरह से केवल ईरान के पास रहेगा.

परमाणु कार्यक्रम पर भी नहीं बनी कोई सहमति

राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए थे कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस समझौते की अनिवार्य शर्तों में से एक है और ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को सौंपने पर विचार कर सकता है.

हालांकि, ईरानी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि इस चरण में ईरान ने अपने परमाणु फाइल पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है और न ही वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर कोई चर्चा हुई है. ईरान की मुख्य मांग है कि बातचीत से पहले अमेरिकी नौसेना द्वारा उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी को खत्म किया जाए और विदेशों में फ्रीज (जब्त) की गई उसकी करीब 25 अरब डॉलर की संपत्ति को तत्काल बहाल किया जाए.

कूटनीतिक मोर्चे पर असमंजस की स्थिति

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों ने खुद तेहरान को भेजे संदेशों में यह माना है कि ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट मुख्य रूप से अमेरिका के भीतर राजनीतिक प्रचार और घरेलू मीडिया की खपत के लिए होते हैं.

फिलहाल, पाकिस्तान के मध्यस्थों और खाड़ी देशों के सहयोग से युद्ध को टालने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी जारी है. लेकिन दुनिया के 20 प्रतिशत कच्चे तेल के परिवहन वाले सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'होर्मुज' पर संप्रभुता को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनातनी चरम पर पहुंच गई है.

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