International Sex Racket: कलयुगी मां ने 12 साल की सगी बेटी को टोक्यो के मसाज पार्लर में देह व्यापार के लिए धकेला, थाईलैंड की कोर्ट ने सुनाई साढ़े 7 साल की जेल
थाईलैंड की एक आपराधिक अदालत ने अपनी ही 12 वर्षीय बेटी को जापान की राजधानी टोक्यो में देह व्यापार (सेक्स वर्क) के लिए मजबूर करने वाली एक महिला को साढ़े सात साल की जेल की सजा सुनाई है। आरोपी मां अपनी मासूम बेटी को घूमने के बहाने जापान ले गई थी, जहां उसने बच्ची को एक अवैध मसाज पार्लर में छोड़ दिया.
बैंकॉक: थाईलैंड (Thailand) की एक अदालत ने एक बेहद झकझोर देने वाले मामले में अपनी ही मासूम बेटी को देह व्यापार के दलदल में धकेलने वाली कलयुगी मां को सख्त सजा सुनाई है. सोमवार, 29 जून 2026 को बैंकॉक (Bangkok) की आपराधिक अदालत ने 30 वर्षीय महिला को मानव तस्करी (Human Trafficking) और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने का दोषी पाते हुए सात साल और छह महीने (साढ़े 7 साल) के कारावास की सजा सुनाई. महिला ने अपनी 12 साल की बेटी को जापान (Japan) के टोक्यो (Tokyo) स्थित एक मसाज पार्लर में देह व्यापार करने के लिए मजबूर किया था. इस अंतरराष्ट्रीय अपराध के उजागर होने के बाद थाईलैंड और जापान दोनों देशों के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया था. यह भी पढ़ें: Iraq Oil Ministry Scandal: इराक के पूर्व तेल अधिकारियों का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल; AI डीपफेक या हकीकत? कोर्ट पहुंची महिला अधिकारी
घूमने के बहाने जापान ले जाकर मसाज पार्लर में छोड़ा
अदालती दस्तावेजों और पुलिस जांच के अनुसार, 'लक्साना' (Laksana) के रूप में पहचानी गई आरोपी महिला जून 2025 में अपनी 12 वर्षीय बेटी को 'टूरिस्ट वीजा' पर पर्यटन (Sightseeing) के बहाने टोक्यो ले गई थी. वहां पहुंचने के बाद उसने बच्ची को टोक्यो के बुनक्यो वार्ड में स्थित 'रिलैक्स टाइम' (Relax Time) नामक एक अवैध प्राइवेट-रूम मसाज पार्लर के संचालक को सौंप दिया और खुद वहां से गायब हो गई.
जापानी जांचकर्ताओं ने बताया कि पीड़ित बच्ची को जापानी भाषा बिल्कुल नहीं आती थी, इसके बावजूद उसे पार्लर की रसोई (Kitchen) में रहने के लिए मजबूर किया गया. जून से जुलाई 2025 के बीच महज एक महीने के भीतर उस मासूम से कथित तौर पर करीब 60 ग्राहकों को जबरन यौन सेवाएं (Sexual Services) दिलवाई गईं. इस काम से मिलने वाले पैसों का एक बड़ा हिस्सा पार्लर का मालिक सीधे थाईलैंड में बैठी उसकी मां के बैंक खाते में ट्रांसफर करता था.
जापानी आव्रजन ब्यूरो की मदद से मुक्त हुई मासूम
इस भयावह कृत्य का खुलासा तब हुआ जब सितंबर 2025 में पीड़ित बच्ची किसी तरह उस नरक से भाग निकली और उसने अकेले ही टोक्यो क्षेत्रीय आव्रजन सेवा एजेंसी (Tokyo Regional Immigration Bureau) के दफ्तर पहुंचकर मदद की गुहार लगाई. जापानी प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची को अपनी सुरक्षात्मक हिरासत में लिया और उसकी काउंसलिंग शुरू की.
इस बीच, टोक्यो पुलिस ने मसाज पार्लर पर छापा मारकर उसके 51 वर्षीय संचालक मसायुकी होसोनो को श्रम मानक अधिनियम (15 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों के रोजगार पर प्रतिबंध) और बाल शोषण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया.
ताइवान में पकड़ी गई आरोपी मां, ऐसे पहुंचा मामला कोर्ट
बेटी को जापान में लावारिस छोड़ने के बाद आरोपी महिला खुद ताइवान (Taiwan) चली गई थी, जहां वह कथित तौर पर एक अन्य वेश्यावृत्ति नेटवर्क में शामिल हो गई. नवंबर 2025 में ताइवान पुलिस ने उसे अवैध गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया. इसके बाद दिसंबर 2025 में कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उसे थाईलैंड डिपोर्ट (प्रत्यर्पित) कर दिया गया, जहां स्थानीय पुलिस ने उसे एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया.
उसी महीने (दिसंबर 2025) पीड़ित बच्ची को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस थाईलैंड लाया गया. वर्तमान में पीड़ित बच्ची अपनी मां के चंगुल से दूर थाईलैंड के एक सामाजिक सहायता संगठन की देखरेख और सुरक्षा में है, जहां उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराई जा रही है.
आरोपी महिला का अजीब तर्क, अपील पर असमंजस
सोमवार को अदालत का फैसला आने के बाद आरोपी महिला लक्साना ने मीडिया के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके कारण उसकी सजा में थोड़ी नरमी बरती गई. हालांकि, उसने अपने बचाव में एक बेहद अजीब तर्क देते हुए कहा कि वह अपनी बेटी को देह व्यापार के लिए नहीं, बल्कि केवल इसलिए जापान ले गई थी ताकि जब वह खुद मसाज पार्लर में काम करे, तो उसकी बेटी उसके सबसे छोटे बेटे (नवजात बच्चे) की देखरेख कर सके.
महिला ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी या नहीं. थाईलैंड के साइबर और अंतरराष्ट्रीय पुलिस प्रभागों का कहना है कि वे जापानी अधिकारियों के साथ मिलकर इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह महिला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट (International Human Trafficking Network) का हिस्सा है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में उसने वियतनाम, ताइवान और जापान सहित 27 बार विदेशी यात्राएं की हैं.