Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में भूकंप के तेज झटके, 7.7 की तीव्रता के साथ कांपी धरती, सुनामी की चेतावनी; VIDEO
यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का मुख्य केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र के अंदर था
Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप तट के पास शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया. इस शक्तिशाली भूकंप के झटकों के चलते कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. भूकंप की प्रचंडता को देखते हुए देश की मौसम विज्ञान एवं भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने तटीय इलाकों के लिए तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी की, जिसे बाद में समुद्र का स्तर सामान्य पाए जाने पर वापस ले लिया गया.
समुद्र के अंदर था केंद्र और कई आफ्टरशॉक्स
यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का मुख्य केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र के अंदर था. यह भी पढ़े: Taiwan Earthquake: ताइवान में तेज भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 6 रही तीव्रता; इमारतों को नुकसान
मुख्य भूकंप के तुरंत बाद 5.6, 5.9 और 6.1 तीव्रता के कई शक्तिशाली आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिससे इलाकों में लगातार दहशत का माहौल बना रहा.
इंडोनेशिया में भूकंप के तेज झटके
तटीय इलाकों में अफरा-तफरी और इमारतें क्षतिग्रस्त
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि फ्लोरेस द्वीप के आसपास की कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं. मौलमेरे (Maumere) बंदरगाह क्षेत्र में इमारत का हिस्सा गिरने से दो लोगों की जान चली गई.
इंडोनेशिया में भूकंप
सुरक्षा के लिहाज से कई अस्पतालों से मरीजों और चिकित्सा उपकरणों को तुरंत बाहर सुरक्षित खुले स्थानों में स्थानांतरित किया गया. आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) के निर्देशों के बाद तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर ऊंची पहाड़ियों की ओर भागने लगे.
पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया भौगोलिक रूप से पैसिफिक महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) क्षेत्र में स्थित है, जहां कई विवर्तनिक प्लेटें (Tectonic Plates) आपस में मिलती हैं. यही कारण है कि यह देश दुनिया के सबसे अधिक भूकंप और ज्वालामुखी की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है.
वर्तमान में स्थानीय प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं और राहत कार्य जारी है.