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Indian-American Fired For Speaking In Hindi: रिश्तेदार से वीडियो कॉल पर की हिंदी में बात तो भारतीय-अमेरिकी को किया नौकरी से बाहर

26 सितंबर, 2022 को भारत में अपने बहनोई के साथ लगभग दो मिनट तक टेलीफोन पर एक श्वेत सहकर्मी ने उन्हें हिंदी में बात करते हुए सुना, जिसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया

Indian-American Fired For Speaking In Hindi: रिश्तेदार से वीडियो कॉल पर की हिंदी में बात तो भारतीय-अमेरिकी को किया नौकरी से बाहर
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न्यूयॉर्क, 1 अगस्त: 78 वर्षीय एक भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर ने दावा किया है कि पिछले साल एक रिश्तेदार से फोन पर हिंदी में बात करने के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया एएल डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, अनिल वार्ष्णेय ने मिसाइल डिफेंस कांट्रेक्टर पार्सन्स कॉर्पोरेशन और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के खिलाफ कंपनी पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है. यह भी पढ़े: US Presidential Election 2024: अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में तीसरे भारतवंशी हुए शामिल, जानें कौन हैं हर्ष वर्धन सिंह

26 सितंबर, 2022 को भारत में अपने बहनोई के साथ लगभग दो मिनट तक टेलीफोन पर एक श्वेत सहकर्मी ने उन्हें हिंदी में बात करते हुए सुना, जिसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया मुकदमे में दावा किया गया कि दूसरे कर्मचारियों ने "झूठी" रिपोर्ट की कि वार्ष्णेय ने गोपनीय जानकारी का खुलासा कर सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन किया है.

वार्ष्णेय ने अपने मुकदमे में कहा कि कॉल पर उन्होंने कोई गोपनीय या वर्गीकृत जानकारी नहीं दी थी उनके अनुसार, जिस क्यूबिकल में उन्होंने वीडियो कॉल की थी, वह पूरी तरह से खाली था वहां कोई कार्यालय सामग्री या दीवार पर लटकी हुई वस्तु नहीं थी, और किसी भी तरह की गोपनीय जानकारी नहीं दी गई थी.

अलाबामा के उत्तरी जिले में जून में दायर मुकदमे में कहा गया है, "कॉल के प्रतिबंधित होने की कोई पॉलिसी नहीं थी उन्होंने बिना जांच किए गंभीर सुरक्षा उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वार्ष्णेय को बर्खास्त कर दिया.

मुकदमे में कहा गया, "इतना ही नहीं, कंपनी ने वार्ष्णेय को भविष्य के काम से ब्लैकलिस्ट कर दिया, जिससे उसका करियर और मिसाइल डिफेंस एजेंसी (एमडीए) और यूए सरकार की सेवा प्रभावी रूप से समाप्त हो गयी.

वार्ष्णेय ने मिसाइल डिफेंस एजेंसी (एमडीए) में इंजीनियरिंग सहायता प्रदान की, जो बैलिस्टिक मिसाइल खतरों के खिलाफ अमेरिका और सहयोगी सहयोगी बलों की रक्षा करती है 24 जुलाई को अदालत में दायर जवाब में पार्सन्स ने अपनी ओर से किसी भी गलत काम से इनकार किया मुकदमे के अनुसार, वार्ष्णेय के पास बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री है, और 1968 में वह अमेरिका चले गए.

उन्होंने जुलाई 2011 से अक्टूबर 2022 तक पार्सन्स के हंट्सविल कार्यालय में काम किया और उन्हें सिस्टम इंजीनियरिंग में "कांट्रेक्टर ऑफ दी ईयर" के रूप में सम्मानित किया गया उन्हें जमीन-आधारित मिसाइल रक्षा कार्यक्रम पर 5 मिलियन डॉलर की बचत के लिए एमडीए अनुशंसा पत्र प्राप्त हुआ.

एएल डॉट कॉम के अनुसार, वार्ष्णेय ने मुकदमा में पूर्व स्थिति के बराबर पद पर बहाली और फाइल में किसी भी अनुशासनात्मक रिकॉर्ड को रद्द करने (या हटाने) की मांग की है अगर नौकरी के स्तर पर बहाल नहीं किया जाता है, तो वह "लाभ सहित अग्रिम वेतन" और "मानसिक पीड़ा और भावनात्मक परेशानी" के लिए क्षति के साथ ही वकील की फीस चाहते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2023 01:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).