हमास हथियार छोड़ने को राजी, अब तक क्या पता चला है?
हमास ने शुक्रवार को इस्राएल के साथ युद्ध खत्म करने पर सहमति की घोषणा की है जिसमें उसके हथियार छोड़ने और गाजा पट्टी से इस्राएली सेनाओं की वापसी जैसे मुद्दे हैं.
हमास ने शुक्रवार को इस्राएल के साथ युद्ध खत्म करने पर सहमति की घोषणा की है जिसमें उसके हथियार छोड़ने और गाजा पट्टी से इस्राएली सेनाओं की वापसी जैसे मुद्दे हैं.समझौते का मसौदा अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है, ना ही इस्राएल की तरफ से कोई बयान आया है. इस डील के बारे में अब तक क्या पता चला है?
हमास के साथ समझौते में क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हमास के "पूरी तरह हथियार छोड़ने" की घोषणा की है और इसे गाजा में नई फलीस्तीनी सरकार की तरफ अहम कदम बताया है. ट्रंप का कहना है "हथियार छोड़ना पूरा होने" होने के बाद इस्राएली सेना गाजा से निकल जाएगी.
हमास के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा है कि गाजा का प्रशासन संभालने के लिए ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की बनाई एक कमेटी इस्लामी आंदोलन के हथियारों को जमा करने की कार्रवाई को पूरा कराएगी. हमास ने उम्मीद जताई है कि मध्यस्थ और बोर्ड ऑफ पीस यह सुनिश्चित करेंगे की इस्राएल समझौते की शर्तों को माने , जिसमें इस्राएल का गाजा से "धीरे धीरे बाहर निकलना" शामिल है.
अब फलीस्तीनी किसके हाथों में देना चाहते हैं गाजा का प्रशासन
हमास के वार्ताकारों की टीम में शामिल गाजी हमाद ने कहा है कि आंदोलन, "गाजा पट्टी में हमारे लोगों को मारे जाने और निर्वासन से बचाने के लिए छूट दे रहा है." हमाद ने यह भी कहा है, "समझौते में इस बात के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं कि इस्राएल अपनी प्रतिबद्धता पूरी करे. अगर इस्राएल ने समझौते का पालन नहीं किया तो हम भी नहीं करेंगे."
एक राजनयिक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि डील की घोषणा होने से पहले, "सारी सुरंगों, हथियारों के डिपो और हथियार उत्पादन के केंद्रों को खत्म करने की प्रक्रिया" की योजना बनाई गई है.
समझौते को लागू कौन कराएगा
बोर्ड ऑफ पीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डाले एक पोस्ट में इस बात की पुष्टि की है कि हमास, "गाजा सीजफायर के अगले चरणों को लागू करने के विस्तृत रोडमैप पर सहमत हो गया है."
दो सालों बाद घर लौटते लाखों फलीस्तीनी
संगठन की तरफ से कहा गया है, "हमारा ध्यान अब इसे लागू करने पर है." इसके साथ ही पोस्ट में यह भी लिखा है कि ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की बनाई नेशनल कमेटी फॉर एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (एनसीएजी), "जल्दी ही पूर्ण अधिकार के लिए चरणों में बंटी प्रक्रिया को शुरू करेगी."
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स, "गाजा को उसके निवासियों ओर पड़ोसियों के लिए सुरक्षित बनाने पर फलीस्तीन की नई पुलिस के साथ काम करेगी."
गाजा में फिलहाल क्या स्थिति है?
2025 के अक्टूबर में इस्राएल और हमास के बीच संघर्षविराम हुआ था जो अब भी कायम है, हालांकि इससे गाजा में हिंसा नहीं रुकी है. युद्ध को खत्म करने के लिए स्थायी समझौता करने की कोशिशें रुकी हुई हैं.
इस्राएल लगभग रोज हमले करना जारी रखे हुए है. संघर्षविराम के बाद से यहां के 60 फीसदी इलाके पर इस्राएल का नियंत्रण है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक संघर्षविराम शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 1,214 फलीस्तीनी मारे गए हैं.
गाजा में दो साल युद्ध के बाद इस्राएल को क्या मिला?
मंत्रालय के आंकड़ों को संयुक्त राष्ट्र भरोसे के लायक मानता है. गुरुवार को भी इस्राएली हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं.
गाजा में दसियों हजार लोग अब भी टेंट में रह रहे हैं. लगभग तीन साल से चल रहे हमलों में फलीस्तीन के बुनियादी ढांचे और इमारतों का ज्यादातर हिस्सा ध्वस्त हो चुका है.
हमास ने इस्राएल पर बार बार संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है. इनमें हवाई हमले, आम लोगों पर गोलीबारी और कथित येलो लाइन के पार जाना शामिल है. यह एक अनौपाचिक सीमा है जो इस्राएली सैन्य नियंत्रण ओर हमास के नियंत्रण वाले इलाकों को अलग करती है.
अब आगे क्या होगा?
इस्राएल ने समझौते की घोषण पर अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है. मिस्र की सरकार से जुड़े अल काहेरा न्यूज ने शुक्रवार सुबह कहा कि काहिरा जल्दी ही गाजा के मध्यस्थों के साथ बैठक करेगा. इसमें अमेरिका, कतर और तुर्की भी शामिल हैं. इसमें गाजा संघर्षविराम योजना के दूसरे चरण पर ध्यान रहेगा.
बोर्ड ऑफ पीस में गाजा के लिए प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव का कहना है कि शुरुआती समझौते से ज्यादा महत्व इसे लागू करने का है. म्लादेनोव ने एक्स पर लिखा है, "लागू और पुष्टि होने को असली होना होगा. सैन्य वापसी और हथियारों को निष्क्रिय करना एक साथ और समान गति से होना चाहिए."
हमाद ने एएफपी से कहा कि हमास अब समझौते के लागू होने की प्रक्रिया का ब्यौरा मध्यस्थों के साथ साझा करेगा और समझौता पूरा करने के लिए एक टाइमटेबल पर सहमत होगा. हमाद का कहना है, "इस प्रक्रिया में 14 दिन या उससे ज्यादा लगेंगे. हमें हर ब्यौरे पर सहमत होना होगा. कैसे समझौता लागू होगा, कब लागू होगा और इसे लागू करने का तरीका क्या होगा. आने वाले दिनों में यह सब होगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2026 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

