Gaza Women Abuse Report: गाजा में भोजन के बदले महिलाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन शादी के मामलों में भारी बढ़ोतरी, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

Gaza Women Abuse Report: संयुक्त राष्ट्र (UN) की दो नई रिपोर्टों में युद्धग्रस्त गाजा पट्टी में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ती लैंगिक हिंसा को लेकर बेहद गंभीर खुलासे किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में महिलाओं को भोजन के बदले बेचा जा रहा है और कई मामलों में उन्हें उनके साथ कथित तौर पर बलात्कार करने वाले लोगों से जबरन शादी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. रिपोर्ट में युद्ध, विस्थापन, भूख और गरीबी के कारण महिलाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई है. यह भी पढ़ें: Israel-Hamas Ceasefire in Gaza: गाजा में इजरायल और हमास के बीच सीजफायर शुरू! आज 3 इजरायली महिला बंधकों की होगी रिहाई

बाल विवाह और जबरन शादी के मामलों में 123% की बढ़ोतरी

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के अध्ययन के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच गाजा में बाल विवाह और जबरन विवाह के मामलों में 123 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं गाजा में होने वाली कुल लैंगिक आधारित हिंसा (Gender-Based Violence) के लगभग 68 प्रतिशत मामलों का शिकार हुईं.

रिपोर्ट के अनुसार, लगातार युद्ध, खाद्य संकट, गरीबी, आय के साधनों का खत्म होना और स्कूलों के बंद होने जैसी परिस्थितियों ने महिलाओं और लड़कियों को सबसे अधिक प्रभावित किया है.

पीड़ित महिलाओं ने सुनाई आपबीती

रिपोर्ट तैयार करने वाले शोधकर्ताओं ने उन महिलाओं से बातचीत की जिन्हें कथित तौर पर भोजन के बदले बेच दिया गया, जबरन शादी कराई गई या फिर अभिभावकों ने छोड़ दिया. एक शरणार्थी शिविर में रहने वाली महिला ने बताया कि स्कूलों में यौन हिंसा की घटनाओं के बाद अगले ही दिन कथित तौर पर पीड़ित लड़कियों की शादी करा दी जाती है. वहीं, एक अन्य महिला ने दावा किया कि एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी की शादी दो बोरी आटे के बदले कर दी.

गाजा में मानवीय संकट गहराया

हमास और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण गाजा में मानवीय संकट लगातार गहरा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, करीब 21 लाख फिलिस्तीनी अब भी विस्थापित हैं और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति बोर्ड द्वारा गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बहु-चरणीय योजना की भी घोषणा की गई है. योजना के पहले चरण में 6 महीनों के भीतर 2.45 बिलियन डॉलर (लगभग 23,508 करोड़ रुपये) खर्च किए जाने का प्रस्ताव है.

230 महिलाओं की गवाही पर आधारित रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट 10 संगठनों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों और गाजा तथा खान यूनिस के शरणार्थी शिविरों में रहने वाली 230 महिलाओं की गवाही पर आधारित है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक प्रभावित वर्ग 18 से 59 वर्ष की महिलाएं हैं, जबकि इसके बाद किशोर लड़कियां और वयस्क पुरुष प्रभावित हुए हैं.

 

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