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9 दिन की छुट्टी के लिए फोटोशॉप से बनाए फर्जी मेडिकल डॉक्यूमेंट! HR ने महिला टेक कर्मचारी पर लगाया 4 लाख का जुर्माना

सॉफ्टवेयर डेवलपर पर 9 दिन की छुट्टी के लिए फर्जी मेडिकल दस्तावेज़ तैयार करने के आरोप में 4.19 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. उन्होंने फोटोशॉप से मेडिकल सर्टिफिकेट में बदलाव कर कंपनी से वेतन प्राप्त किया. इस मामले में सु चिन को जुर्माना भरना पड़ा और उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया.

9 दिन की छुट्टी के लिए फोटोशॉप से बनाए फर्जी मेडिकल डॉक्यूमेंट! HR ने महिला टेक कर्मचारी पर लगाया 4 लाख का जुर्माना

सिंगापुर की 37 वर्षीय महिला सु चिन को फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार करने के आरोप में सिंगापुर की अदालत ने 5,000 सिंगापुरी डॉलर (लगभग 4.19 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है. सु चिन, जो एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं, अपनी मां की बीमारी और व्यक्तिगत तनाव से जूझते हुए नौ दिनों की छुट्टी पाने के लिए फर्जी अस्पताल प्रमाणपत्र बनाने के कारण कानूनी मुश्किलों में फंस गईं.

सु चिन, जो चीन की निवासी हैं और ETC Singapore SEC नामक कंपनी में काम करती थीं, ने अपने पुराने मेडिकल सर्टिफिकेट को एडोब फोटोशॉप (Adobe Photoshop) की मदद से बदल दिया. उन्होंने इस प्रमाणपत्र के हेडर को बदलकर St. Luke’s Hospital का बना दिया और अस्पताल में भर्ती होने की तारीखें 23 मार्च से 3 अप्रैल 2024 कर दीं. इसके साथ ही उन्होंने प्रमाणपत्र में दिए गए QR कोड के साथ भी छेड़छाड़ की, ताकि इसे वैध दिखाया जा सके. इस फर्जी दस्तावेज़ के आधार पर उन्होंने 9 दिनों की छुट्टी ली और इस दौरान उन्हें 3,541.15 सिंगापुरी डॉलर (लगभग 2.97 लाख रुपये) वेतन के रूप में मिले.

हालांकि, उनका यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब 4 अप्रैल को उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया और कंपनी के HR ने उनके दस्तावेज़ों की जांच की. जब HR ने QR कोड को स्कैन करने का प्रयास किया तो यह फेल हो गया, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ. जब उनसे असली प्रमाणपत्र मांगा गया, तब उन्होंने दूसरा फर्जी दस्तावेज़ जमा किया, जिससे मामला और गहरा गया. इस घटना के बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया.

भावनात्मक और वित्तीय दबाव 

कोर्ट में सु चिन के वकील रिचर्ड लिम ने बताया कि उनके मुवक्किल की इस हरकत के पीछे कोई बुरी मंशा नहीं थी, बल्कि वह भारी भावनात्मक और वित्तीय दबाव में थीं. उनकी मां चीन में गंभीर स्थिति में थीं और सु चिन अकेले ही उनकी देखभाल कर रही थीं. अपने तनाव को संभालने में असफल होने पर उन्होंने छुट्टी बढ़ाने के लिए झूठा दावा किया कि उनकी मां की मृत्यु हो गई है और इसके समर्थन में उन्होंने एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी जमा कर दिया.

इसके अलावा, वह अपनी मां की चिकित्सा खर्चों का पूरा भार खुद ही उठा रही थीं, और फ्रीलांस काम कर रही थीं, जो कि बिना वेतन के छुट्टी की सुविधा प्रदान नहीं करता था. इस वित्तीय और भावनात्मक दबाव ने उन्हें इस फर्जीवाड़े की ओर धकेला.

कोर्ट का फैसला 

कोर्ट ने सु चिन पर जालसाजी का एक आरोप तय किया, जबकि दो अन्य संबंधित अपराधों को सजा के दौरान ध्यान में रखा गया. सु चिन को चार साल की जेल हो सकती थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने उनके अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए 5,000 से 6,000 सिंगापुरी डॉलर के बीच जुर्माने की सिफारिश की. उनके वकील ने उनकी मानसिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए दया की अपील की, और अंततः सु चिन को 5,000 सिंगापुरी डॉलर का जुर्माना लगाया गया.

अब सु चिन बेरोज़गार हैं, लेकिन यह जुर्माना उन्हें अपनी मां की देखभाल के लिए चीन लौटने का मौका प्रदान करता है.

HR की भूमिका

इस पूरे मामले में कंपनी के HR की भूमिका महत्वपूर्ण रही. जब QR कोड के स्कैन में विफलता दिखी, तो उन्होंने दस्तावेज़ों की गहराई से जांच की, और इसी जांच में जालसाजी का पता चला. यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक डिजिटल सत्यापन विधियां कैसे धोखाधड़ी को उजागर करने में सहायक हो रही हैं.

सु चिन का मामला यह बताता है कि भावनात्मक और वित्तीय तनाव किस तरह व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जा सकता है, लेकिन साथ ही यह भी सीख देता है कि संकट के समय में जालसाजी का सहारा लेना गंभीर कानूनी परिणामों की ओर ले जा सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 04, 2024 08:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).