दक्षिण कोरिया में युवा ओलंपिक मुकाबले में मुफ्त कंडोम पर विवाद
विंटर यूथ ओलंपिक्स में किशोर खिलाड़ियों को कंडोम बांटने से विवाद खड़ा हो गया है.
विंटर यूथ ओलंपिक्स में किशोर खिलाड़ियों को कंडोम बांटने से विवाद खड़ा हो गया है. अभिभावकों की आपत्ति है कि ओलंपिक का जज्बा खेल के माध्यम से एक बेहतर दुनिया बनाना है, ना कि किशोरों की "यौन उत्सुकता" को प्रोत्साहन देना.दक्षिण कोरिया के गंगवोन प्रांत में हो रहे शीतकालीन युवा ओलंपिक्स मुफ्त कंडोम बांटे जाने के कारण विवाद में है. प्रतियोगिता में 13 से 18 साल की उम्र के 1,800 किशोर और युवा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं.
आयोजन समिति ने इनके बीच लगभग 3,000 कंडोम बंटवाए. कई लोगों को आपत्ति है कि कंडोम बंटवाकर किशोरों को सेक्स के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. वहीं कई लोग इसे किशोरों को सुरक्षित सेक्स के प्रति जागरूक करने में कारगर कदम बता रहे हैं.
2024 के विंटर यूथ ओलंपिक्स की शुरुआत 19 जनवरी को हुई और यह 1 फरवरी तक चलेगा. इसमें 78 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. खिलाड़ियों के ठहरने के लिए कुछ खेल गांव बनाए गए हैं. हर खेल गांव में चिकित्सा व्यवस्था के लिए दफ्तर बनाया गया है. यहां कंडोम उपलब्ध हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर खिलाड़ी मुफ्त में ले सकते हैं. पिछले हफ्ते आयोजन समिति ने इस इंतजाम की घोषणा की.
अभिभावकों की नाराजगी
यह जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कई अभिभावक बड़े नाराज हुए. नेशनल फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशन्स, दक्षिण कोरिया में अभिभावकों का राष्ट्रीय स्तर का एक संगठन है. इसने बयान जारी कर नाबालिग खिलाड़ियों को कंडोम बांटने की निंदा की और आयोजन समिति से माफी मांगने को कहा.
अभिभावक संगठनों का कहना है कि युवा ओलंपिक्स में तंदरुस्त शरीर और स्वस्थ दिमाग पर जोर दिया जाना चाहिए और मुफ्त कंडोम बंटवाना ओलंपिक की भावना को कमजोर करता है. स्थानीय खबरों के मुताबिक, बयान में यह भी कहा गया है कि अगर कंडोम वितरण जैसे कार्यक्रम दोहराये जाते हैं, तो बेहतर होगा कि यूथ ओलंपिक आयोजन को ही खत्म कर दिया जाए.
एचआईवी-एड्स के प्रति जागरूकता
ऐसा नहीं कि ओलंपिक आयोजन में खिलाड़ियों को पहली बार कंडोम उपलब्ध करवाया गया हो. 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक आयोजन से ही यह परंपरा रही है.
तब से ही ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के बीच सुरक्षित सेक्स को बढ़ावा देने की नीति रही है, ताकि एचआईवी-एड्स का प्रसार रोका जा सके. साल 2000 में हुए सिडनी ओलंपिक्स में पहले 70,000 कंडोम बंटवाए गए. फिर और जरूरत पड़ी, तो करीब 20,000 अतिरिक्त कंडोम वितरित किए गए.
यह कार्यक्रम यूथ ओलंपिक्स में भी लागू किया गया. इसकी जरूरत इसलिए समझी गई कि आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में किशोर और युवा खिलाड़ी कई दिनों तक एक ही जगह पर रहते हैं. कम उम्र, ऊर्जा, यौन आकर्षण के बीच असुरक्षित शारीरिक संबंध बनने पर अनचाही प्रेगनेंसी और यौन संक्रमण समेत कई गंभीर जोखिम हो सकते हैं.
कुछ दशकों पहले तक किशोरों में सेक्स एक टैबू हुआ करता था, लेकिन अब एक्सपोजर ज्यादा है. ऐसे में जानकार यौन शिक्षा और जागरूकता को बेहद अहम मानते हैं. गंगवोन से पहले 2018 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में ग्रीष्म युवा ओलंपिक खेलों में भी कंडोम बांटे गए थे. फिर 2020 में स्विट्जरलैंड के लूजेन में हुए शीतकालीन युवा ओलंपिक में भी खिलाड़ियों को मुफ्त कंडोम दिए गए.
वैसे यह पहली बार नहीं है जब कोई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन कंडोम के कारण चर्चा में हो. 2010 में दिल्ली के राष्ट्रमंडल खेलों में अक्षरधाम के पास बनाए गए खेल गांव में कंडोम के कारण नाले जाम हो गए थे. खेल आयोजकों ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में कंडोम का इस्तेमाल बताता है कि खिलाड़ी सुरक्षित सेक्स पर ध्यान दे रहे हैं.
असुरक्षित यौन संबंध बड़ी चिंता
जुलाई 2023 में आए यूनिसेफ के आंकड़े बताते हैं कि अकेले 2022 में ही 10 से 19 साल के लगभग डेढ़ लाख किशोर एचआईवी संक्रमित हुए. यूनिएड्स का अनुमान है कि किशोरों और युवाओं के बीच सुरक्षित सेक्स पर बढ़ती जागरूकता के कारण कई जगहों पर नए मामलों में कमी आई है.
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग की एचआईवीइन्फो सेवा के मुताबिक, जिन युवाओं को किशोर उम्र में एचआईवी संक्रमण होता है, उनमें से ज्यादातर के संक्रमित होने की वजह सेक्शुअल ट्रांसमिशन है. यानी, यौन संपर्क के कारण एक संक्रमित पार्टनर से दूसरे इंसान में एचआईवी का प्रसार होना. स्टैनफोर्ड मेडिसिन के भी अनुसार, संक्रमित पार्टनर के साथ यौन संपर्क वयस्कों और किशोरों में एचआईवी के प्रसार का मुख्य कारण है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2024 07:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

