संभावित आतंकी हमला था बर्लिन का कार अटैकः गृह मंत्री
बर्लिन प्राइड परेड पर हुए वैन हमले में एक महिला की मौत हो गई और 29 लोग घायल हो गए.
बर्लिन प्राइड परेड पर हुए वैन हमले में एक महिला की मौत हो गई और 29 लोग घायल हो गए. जर्मन अधिकारियों ने इसे संभावित इस्लामवादी आतंकवादी हमला मानते हुए संदिग्ध की देशभर में तलाश शुरू कर दी है.जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित प्राइड परेड पर हुए हमले की जांच इस्लामिक आतंकवादी हमले के तौर पर की जा रही है. शनिवार रात एक वैन द्वारा लोगों को कुचलने की घटना में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य लोग घायल हुए हैं. इनमें कई की हालत गंभीर बताई गई है.
जर्मनी के गृह मंत्री आलेग्जांडर डोब्रिंट ने रविवार को बताया कि संदिग्ध हमलावर की देशभर में तलाश की जा रही है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि संदिग्ध इस्लामवादी विचारधारा से प्रभावित था और इस्लामवादी माहौल से जुड़ा हुआ था.
पहले भी गिरफ्तार हुआ था संदिग्ध
डोब्रिंट के अनुसार संदिग्ध पहले से ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में था और वह गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा था. डोब्रिंट ने बताया कि उसे पहले एक साल और 10 महीने की निलंबित सजा सुनाई गई थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने उस फैसले के खिलाफ अपील कर रखी थी. अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध जर्मन नागरिक है. उसका जन्म 2005 में जर्मनी में हुआ था और वह लेबनानी मूल का है. उसकी मां को साल 2002 में जर्मनी की नागरिकता मिली थी.
घटना शनिवार रात करीब 10 बजे हुई, जब एक सफेद वैन ने टियरगार्टन पार्क के पास प्राइड परेड में शामिल कई लोगों को टक्कर मार दी. इसके बाद कार्यक्रम के आयोजकों ने समारोह रद्द कर उस इलाके को खाली करा दिया.
पुलिस प्रवक्ता फ्लोरियन नाथ ने बताया कि मृतक एक महिला थी, जिसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. पुलिस के अनुसार वैन बाद में एक पेड़ से टकरा गई और चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस का मानना है कि वह बर्लिन के किसी दूसरे हिस्से में छिपा हो सकता है. जांच के सिलसिले में पुलिस ने बर्लिन के शोनेबर्ग इलाके में एक अपार्टमेंट की तलाशी भी की. हालांकि वहां से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई क्योंकि तलाशी के दौरान कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला.
रविवार तड़के बर्लिन लोक अभियोजक कार्यालय और राज्य आपराधिक पुलिस कार्यालय ने संदिग्ध की तस्वीर के साथ वांछित नोटिस जारी किया. उसमें संदिग्ध को दुबला-पतला और लगभग 1.90 मीटर लंबा बताया गया है.
पूरे जर्मनी में सुरक्षा कड़ी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ घायलों को चाकू या धारदार हथियार से चोटें लगी हो सकती हैं. कई लोगों ने काले कपड़े पहने एक व्यक्ति को छुरा लिए हुए देखने का दावा किया. दमकल विभाग के प्रवक्ता डोमिनिक प्रेट्स ने बताया कि तीन लोगों को जानलेवा चोटें आई हैं और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. गंभीर और अति गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना के बाद पूरे जर्मनी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. गृह मंत्री डोब्रिंट ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल केवल बर्लिन में ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और देश की सीमाओं पर भी तैनात किया गया है. जर्मनी में पहले भी इस तरह के कई हमले हो चुके हैं. 2024 में माग्देबुर्ग शहर की एक क्रिसमस मार्केट पर हुए ऐसे ही हमले में पांच लोगों की मौत हो गई थी.
बर्लिन प्राइड परेड यूरोप में एलजीबीटीक्यू प्लस समुदायों के सबसे बड़े आयोजनों में गिनी जाती है. इस साल भी इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी और कार्यक्रम में सैकड़ों हजार लोग पहुंचे थे.
जर्मनी में इस आयोजन को आम तौर पर "सीएसडी" कहा जाता है. इसका नाम न्यूयॉर्क की क्रिस्टोफर स्ट्रीट के नाम पर रखा गया है, जहां 1969 में स्टोनवॉल इन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों ने वैश्विक समलैंगिक अधिकार आंदोलन को नई दिशा दी थी.
परेड बर्लिन के मध्य क्षेत्र से गुजरते हुए 80 से अधिक झांकियों के साथ निकली थी और इसका समापन टियरगार्टन क्षेत्र में होना था. मुख्य मंच ब्रांडेनबुर्ग गेट के बाहर स्थापित किया गया था. आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र, सहिष्णुता और विविधता का संदेश देना था. कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए शनिवार सुबह से ही 2,200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें कुछ भारी हथियारों से लैस थे.