ढाका: हिंदुओं पर हमला करने के लिए सिंगापुर में चाकू खरीदने वाला बांग्लादेशी गिरफ्तार
सिंगापुर में एक ऐसे बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया गया है जिसने अपने देश में हिंदुओं पर हमला करने के लिए चाकू खरीदे. सिंगापुर से जारी एक बयान में ये बात कही गई है. मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने कहा कि 2 नवंबर को आंतरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत 26 वर्षीय अहमद फैजल को आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों की जांच के तहत गिरफ्तार किया गया.
ढाका, 25 नवंबर: सिंगापुर में एक ऐसे बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया गया है जिसने अपने देश में हिंदुओं पर हमला करने के लिए चाकू खरीदे. सिंगापुर से जारी एक बयान में ये बात कही गई है. मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने कहा कि 2 नवंबर को आंतरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत 26 वर्षीय अहमद फैजल को आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों की जांच के तहत गिरफ्तार किया गया. उसने पुलिस को बताया कि उसने जिहाद के लिए खुद को तैयार करने के लिए कई वीडियो ऑनलाइन देखे.
बयान के अनुसार, सिंगापुर की सुरक्षा एजेंसियां फ्रांस और अन्य जगहों पर आतंकी हमलों के बाद सितंबर की शुरूआत से ही अलर्ट पर थीं. एजेंसियों ने सिंगापुर में 37 लोगों की गतिविधियों की जांच की. फैजल उन में से एक था. इस्लामिक स्टेट के अलावा, फैजल ने अलकायदा और अल शबाब सहित अन्य आतंकवादी समूहों के लिए भी समर्थन व्यक्त किया था. बयान में कहा गया है कि वह इस्लाम के कथित दुश्मनों के खिलाफ लड़ने के लिए कश्मीर की यात्रा करने के लिए तैयार था.
आंतरिक सुरक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फैजल, जो 2017 से सिंगापुर में एक मजदूर के रूप में काम कर रहा था, 2018 में आईएसआईएस के बारे में ऑनलाइन प्रोपेगैंडा देखने के बाद कट्टरपंथी हो गया. मंत्रालय ने कहा, वह सीरिया में इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने के आईएसआईएस से आकर्षित था और सीरिया सरकार के खिलाफ आईएसआईएस के साथ लड़ने के लिए वहां जाना चाहता था. उसका मानना था कि अगर वह ऐसा करते हुए मर गया तो वह शहीद होगा.
2019 के मध्य में, फैजल ने सीरिया मेंइस्लामिक खिलाफत स्थापित करने के लिए लड़ने वाले एक अन्य आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (Hayat Tahrir al-Sham) के लिए अपनी निष्ठा व्यक्त की थी. एमएचए ने कहा कि उसने सीरिया स्थित एक संगठन को पैसे भी दिए थे कि उसके दान से सीरिया में एचटीएस को फायदा होगा. फैजल अंग्रेजी में निपुण था और सोशल मीडिया का उपयोग करने में माहिर था और अंग्रेजी और बंगाली में प्रोपैगैंडा करता था.
फैजल ने बंगाली में ऑनलाइन पाए जाने वाले कुछ कंटेंट का अनुवाद किया, और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर, अन्य बांग्लादेशी मुसलमानों को प्रोत्साहित करने के लिए सशस्त्र जिहाद में भाग लेने के लिए पोस्ट किया. सिंगापुर के अधिकारियों ने बताया कि फैजल एक लॉज में रहता था और दूसरे लोगों के साथ ज्यादा बातचीत नहीं करता था.
एक अधिकारी ने कहा, उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों से परे, ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि फैजल ने अपने सहकर्मियों, छात्रावास के साथियों या सिंगापुर में किसी और को अपने कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित करने की कोशिश की. ऐसा प्रतीत होता है कि उनमें से कोई भी फैजल के कट्टरपंथी विचारधारा से अवगत नहीं था.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2020 10:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

