गाजा में इस्राएल के ताजा हमलों में कम से कम 75 लोगों की मौत
गाजा में शनिवार की रात हुए इस्राएली हमलों में अब तक कम से कम 75 लोगों की मौत की खबर है.
गाजा में शनिवार की रात हुए इस्राएली हमलों में अब तक कम से कम 75 लोगों की मौत की खबर है. इस्राएल का कहना है कि हमास पर दबाव बढ़ाने के लिए वह अपनी कार्रवाई में तेजी ला रहा है.गाजा पट्टी के अस्पतालों और डॉक्टरों के मुताबिक, इस्राएली हमलों में रविवार की सुबह तक कम से कम 75 लोग मारे गए हैं. शनिवार को इस्राएल ने गाजा में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी थी. इस्राएल का कहना है कि यह हमला हमास पर दबाव बढ़ाने के लिए है ताकि वो अस्थायी युद्धविराम के लिए मान जाए. ताजा हमलों पर इस्राएली सेना ने कोई तत्काल टिप्पणी नहीं की है.
दक्षिणी गाजा के खान यूनुस शहर के नासेर अस्पताल ने बताया कि उन्हें 20 लोगों के शव मिले है जो रात भर हुए कई हवाई हमलों में मारे गए. ये हमले मुवासी इलाके में उन घरों और टेंटों पर हुए जहां बेघर परिवार शरण लिए हुए थे.
उत्तरी गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक सुरक्षाकर्मियों ने कहा है कि बीती रात के कई हमलों में कम से कम 36 लोग मारे गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक, मरने वालों में एक ही परिवार के नौ लोग भी शामिल हैं. हमास प्रशासन के तहत काम करने वाले नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि जबालिया में एक और हमला एक घर पर हुआ, जिसमें सात बच्चों और एक महिला सहित 10 लोग मारे गए. मृतकों में दो माता-पिता और उनके तीन बच्चे, और एक पिता और उनके चार बच्चे शामिल थे.
मध्य गाजा के दिएर अल-बलाह कस्बे के अल-अक्सा मार्टर्स अस्पताल के अनुसार, दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए हैं.
इस्राएल ने तेज की सैन्य कार्रवाई
इस्राएल का कहना है कि यह नई योजना हमास जैसे आतंकी समूह पर दबाव बढ़ाने के लिए है, ताकि वे इस्राएल की शर्तों पर अस्थायी युद्धविराम के लिए मान जाएं. इसमें गाजा में बंधक बनाए गए इस्राएली लोगों को रिहा करने की बाात है लेकिन जरूरी नहीं कि इससे युद्ध खत्म हो जाए. हमास का कहना है कि वे किसी भी नए युद्धविराम समझौते में गाजा से इस्राएली सेना की पूरी तरह वापसी और युद्ध खत्म करने का रास्ता चाहते हैं.
इस्राएल ने मार्च के मध्य में 8 हफ्ते के तय युद्धविराम को तोड़ते हुए बड़े हवाई हमले किए थे, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे. उस युद्धविराम के खत्म होने से कुछ दिन पहले ही इस्राएल ने गाजा में खाना, दवा और ईंधन समेत सभी तरह के आयात बंद कर गिए थे. इससे मानवीय संकट और गहरा गया और इलाके में भुखमरी का खतरा बढ़ने की चेतावनियां भी आईं. यह पाबंदियां अब भी जारी हैं. इस्राएल का कहना है कि यह कदम भी हमास पर दबाव डालने के लिए ही उठाया गया है.
इस्राएल और हमास के बीच यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद शुरू हुआ, जब हमास के नेतृत्व में लड़ाकों ने दक्षिणी इस्राएल पर हमला किया. इसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को अगवा कर लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राएल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 53,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं.
हूथी विद्रोहियों ने दागी मिसाइलें, इस्राएल ने रोकीं
उधर, इस्राएली सेना ने बताया कि यमन से इस्राएल पर दागी गई एक और मिसाइल को उन्होंने रोक लिया है. यह जानकारी रविवार सुबह दी गई. इस्राएली सेना ने बताया कि इस मिसाइल के लॉन्च होने से देश के कई हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बज उठे. अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इस्राएल पर लगातार मिसाइलें दाग रहे यमन के हूथी विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
इस समूह ने रविवार को कहा कि उन्होंने तेल अवीव के बेन गुरिओन हवाई अड्डे पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इससे पहले 4 मई को उन्होंने पहली बार हवाई अड्डे की सीमा को निशाना बनाया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे. ईरान समर्थित हूथी विद्रोही समूह यमन के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है. गाजा युद्ध के बाद वह लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर भी हमले करने लगा है. हूथी विद्रोही इसे हमास के साथ एकजुटता की कार्रवाई बताते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2025 04:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

