शनिवार दोपहर तक होनी चाहिए सभी बंधकों की रिहाई, नहीं तो मचेगी तबाही: डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों दी हमास को चेतावनी ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि हमास को शनिवार दोपहर तक बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा कर देना चाहिए. अगर फिलिस्तीनी ग्रुप ऐसा नहीं करता है तो वह इजरायल-हमास युद्धविराम को रद्द करने का प्रस्ताव रखेंगे.
वाशिंगटन, 11 फरवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि हमास को शनिवार दोपहर तक बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा कर देना चाहिए. अगर फिलिस्तीनी ग्रुप ऐसा नहीं करता है तो वह इजरायल-हमास युद्धविराम को रद्द करने का प्रस्ताव रखेंगे. ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ विस्तृत चर्चा में ट्रंप ने 8 जनवरी को हमास द्वारा रिहा किए गए तीन बंधकों की कमजोर शारीरिक हालत और फिलिस्तीनी ग्रुप की तरफ से बंधकों की रिहाई रोकने की घोषणा पर निराशा व्यक्त की. बता दें गाजा युद्धविराम समझौते के तहत हमास को इजरायली बंधकों को रिहा करना है जिसके बदले में इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा. अब तक पांच बार बंधकों-कैदियों की अदला-बदली हो चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "जहां तक मेरा सवाल है, अगर शनिवार 12 बजे तक सभी बंधकों को वापस नहीं लौटाया जाता है, तो मैं कहूंगा कि इसे रद्द कर दिया जाए और सभी दांव बंद कर दिए जाएं और तबाही मचने दी जाए. उन्हें शनिवार 12 बजे तक बंधकों को वापस लौटा दिया जाना चाहिए." ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि बंधकों को एक साथ रिहा किया जाए, न कि कुछ को एक बार में, 'हम चाहते हैं कि सभी वापस आ जाएं.' यह भी पढ़ें : ट्वीट के लिए 34 साल की सजा का सामना कर रही डॉक्टरेट की छात्रा की सजा माफ हुई: कार्यकर्ता
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर जॉर्डन और मिस्र गाजा से हटाए जाने वाले फिलिस्तीनी शरणार्थियों को नहीं लेंगे तो वे उन्हें दी जाने वाली सहायता रोक सकते हैं. वह मंगलवार को जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला से मिलने वाले हैं. यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप के इस प्रस्ताव पर कुछ असमंजस की स्थिति है कि एक बार लड़ाई बंद हो जाने के बाद गाजा पर अमेरिका का कब्जा हो जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रस्ताव के तहत फिलिस्तीनियों को गाजा पट्टी पर वापस लौटने का अधिकार नहीं होगा. इस तरह उन्होंने अपने ही अधिकारियों के उस बयान का खंडन किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि गाजा के लोगों को केवल अस्थायी रूप से ही हटाया जाएगा.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह विस्थापित फिलिस्तीनियों को लेने के लिए जॉर्डन और मिस्र के साथ एक समझौता कर सकते हैं, उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों को 'सालाना अरबों डॉलर' देता है.
यह पूछे जाने पर कि क्या फिलिस्तीनियों को गाजा में वापस लौटने का अधिकार होगा, ट्रंप ने कहा: “नहीं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्हें बेहतर आवास मिलेगा.” उन्होंने कहा, “मैं उनके लिए एक स्थायी स्थान बनाने की बात कर रहा हूं.” उन्होंने यह भी कहा कि गाजा को फिर से रहने लायक बनाने में कई साल लगेंगे.
बता दें 4 जनवरी को वाशिंगटन में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना 'गाजा प्लान' पेश किया. ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका युद्ध से तबाह गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा और फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाए जाने के बाद इसे आर्थिक रूप से विकसित करेगा. उन्होंने गाजा का विकास करने का प्रस्ताव रखते वक्त यह स्पष्ट कहा था कि फिलिस्तीनियों का विस्थापन स्थायी होगा. हालांकि बाद में व्हाइट हाउस में इस पर सफाई दी थी कि गाजा से कोई भी विस्थापन अस्थायी होगा.
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला करके 251 बंधकों को पकड़ लिया और लगभग 1,200 लोगों को मार डाला था जिसके बाद युद्ध शुरू हो गया. गाजा के हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के हमले में कम से कम 48,208 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इजरायल के हमलों से गाजा की लगभग दो-तिहाई इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2025 01:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

