अमेरिका में जन्म लेने पर अब नहीं मिलेगा वहां की नागरिकता का अधिकार, कानून खत्म करने की तैयारी में ट्रंप प्रशासन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि उनकी योजना गैर-अमेरिकी नागरिकों के बच्चों की नागरिकता का अधिकार खत्म करने की है. अगर अमेरिकी राष्ट्रपति इस कानून को खत्म करते हैं तो इससे वहां काम करने वाले लाखों भारतीय सहित अन्य देशों के प्रवासी काफी प्रभावित होंगे.
वाशिंगटन: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही नागरिकता के कानूनों में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. ताजा खबरों के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाले प्रवासियों के बच्चों को वहां की नागरिकता का अधिकार आने वाले दिनों में मिल ही जाएगा, इसके बारे में अब निश्चित तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है. दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि उनकी योजना गैर-अमेरिकी नागरिकों के बच्चों की नागरिकता का अधिकार खत्म करने की है. अगर अमेरिकी राष्ट्रपति इस कानून को खत्म करते हैं तो इससे वहां काम करने वाले लाखों भारतीय सहित अन्य देशों के प्रवासी काफी प्रभावित होंगे.
बता दें कि मध्यावधि चुनावों की तरफ बढ़ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर आव्रजन पर अपने कट्टरपंथी रुख को फिर से धार देते हुए घोषणा की कि वह यह आदेश देना चाहते हैं कि गैर अमेरिकी नागरिकों या अवैध प्रवासियों के अमेरिका में जन्मे बच्चों के नागरिकता के संवैधानिक अधिकार को खत्म किया जाए.
चुनावों से पूर्व ‘‘एक्सियोस ऑन एचबीओ’’ पर राष्ट्रपति की यह टिप्पणी आई है. ट्रंप का मानना है कि आव्रजन पर ध्यान केंद्रित करने से समर्थकों को नए सिरे से ऊर्जा मिलेगी और रिपब्लिकन सदस्यों को संसद पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी. आव्रजन को लेकर ट्रंप के इस कट्टर रवैये ने अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर मध्य अमेरिकी आव्रजकों के काफिले में बेचैनी एक बार फिर बढ़ा दी है.
हालांकि ‘जन्म के आधार पर मिली नागरिकता’ (बर्थराइट सिटिजनशिप) को खत्म करने के मुद्दे को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. इसमें संविधान के संशोधन को बदलने की राष्ट्रपति की एकपक्षीय क्षमता पर सवाल उठ सकते हैं. यह भी पढ़ें: दुविधा में फंसी मोदी सरकार, बतौर चीफ गेस्ट गणतंत्र दिवस पर भारत आने से अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया इंकार, अब नए मेहमान की तलाश
बता दें कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन अमेरिका में जन्मे बच्चों को अमेरिकी नागरिकता के अधिकार की गारंटी देता है. ऐसे किसी कार्यकारी आदेश की वैधानिकता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वे कह रहे हैं कि मैं इसे कर सकता हूं, महज एक कार्यकारी आदेश से.
एक्सियोज वेबसाइट पर मंगलवार को डाले गए साक्षात्कार के एक अंश में उन्होंने कहा है कि ‘हम दुनिया में एक मात्र ऐसा देश हैं जहां एक व्यक्ति आता है, बच्चे पैदा करता है और बच्चा अनिवार्य रूप से अमेरिका का नागरिक बन जाता है.’
राष्ट्रपति ने कहा कि व्हाइट हाउस के वकील इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी तेजी से वह कार्यकारी आदेश पर कार्रवाई करेंगे. अतिरिक्त टिप्पणी के लिए किये गए अनुरोध पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 30, 2018 08:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

