9/11 Terror Attacks 25th Anniversary: अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी; 2,977 पीड़ितों और फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स के बलिदान को किया गया नमन
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए भयानक आतंकवादी हमलों को आज 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस ऐतिहासिक और संवेदनशील पड़ाव पर पूरा देश हमलों में मारे गए 2,977 बेकसूर नागरिकों और राहत कार्यों में जान गंवाने वाले आपातकालीन कर्मियों की स्मृति में नतमस्तक है। न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, वाशिंगटन डीसी स्थित पेंटागन और पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले में विशेष प्रार्थना सभाओं, मौन और पीड़ितों के नामों के सार्वजनिक वाचन के साथ श्रद्धांजलि दी जा रही है.
9/11 Terror Attacks 25th Anniversary: अमेरिका (US) की धरती पर हुए सबसे भयावह आतंकी हमले को 11 सितंबर 2026 को पूरे 25 वर्ष हो चुके हैं. इस पच्चीसवीं बरसी पर अमेरिका सहित दुनिया भर में उन 2,977 लोगों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने उस सुबह अपनी जान गंवाई थी.
न्यूयॉर्क के लोअर मैनहट्टन में स्थित 9/11 मेमोरियल प्लाजा (ग्राउंड ज़ीरो), पेंटागन और शैंक्सविले के स्मारक स्थलों पर सुबह से ही पीड़ितों के परिजन, जीवित बचे लोग और गणमान्य हस्तियां जुटी हैं. इस अवसर पर पीड़ितों के नामों का सिलसिलेवार वाचन किया जा रहा है और हमलों के समय के अनुसार मौन रखा जा रहा है.
11 सितंबर 2001: 102 मिनट का वह भयानक मंजर
उस दिन मंगलवार की सुबह आतंकी संगठन अल-कायदा के 19 आतंकवादियों ने चार वाणिज्यिक यात्री विमानों का अपहरण किया था:
- ट्विन टावर्स पर हमला: सुबह 8:46 बजे अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टॉवर (North Tower) से टकराई। इसके ठीक 17 मिनट बाद, सुबह 9:03 बजे यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 दक्षिणी टॉवर (South Tower) से जा टकराई. दोनों गगनचुंबी इमारतें कुछ ही देर में ढह गईं और पूरा मैनहट्टन मलबे व जहरीले धुएं से पट गया.
- पेंटागन पर प्रहार: सुबह 9:37 बजे तीसरे अपहृत विमान (अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 77) ने अमेरिकी रक्षा मुख्यालय 'पेंटागन' के पश्चिमी हिस्से को निशाना बनाया.
- शैंक्सविले का संघर्ष: सुबह 10:03 बजे चौथा विमान (यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93) पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ. यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अपहरणकर्ताओं का डटकर मुकाबला किया था, जिससे विमान वाशिंगटन डीसी स्थित अपने मुख्य लक्ष्य (कैपिटल या व्हाइट हाउस) तक नहीं पहुंच सका.
2,977 बेकसूरों की मौत और 90 से अधिक देशों को झटका
इस आत्मघाती हमले में कुल 2,977 लोग मारे गए (19 हमलावरों के अलावा):
- मरने वालों में अधिकांश वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में कार्यरत कर्मचारी, नागरिक, विमान यात्री और केबिन क्रू शामिल थे.
- लोगों की जान बचाने के लिए जलती इमारतों में घुसे आपातकालीन सेवा कर्मियों ने अभूतपूर्व बलिदान दिया। न्यूयॉर्क सिटी फायर डिपार्टमेंट (FDNY) के 343 से अधिक अग्निशमन कर्मी, न्यूयॉर्क पुलिस के 71 पुलिस अधिकारी और पेंटागन में सेना के 55 जवानों सहित 125 लोग मारे गए थे.
- मृतकों में भारत सहित 90 से अधिक देशों के विदेशी नागरिक शामिल थे, जिसने इसे एक वैश्विक त्रासदी बना दिया.
हमलों के बाद बदली दुनिया: 'वॉर ऑन टेरर' और नया सुरक्षा ढांचा
9/11 की त्रासदी ने वैश्विक राजनीति और आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों को पूरी तरह पुनर्गठित किया:
- आतंकवाद के खिलाफ युद्ध (War on Terror): हमले के तुरंत बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में सैन्य अभियान शुरू कर अल-कायदा के ठिकानों को नष्ट किया और तत्कालीन तालिबान शासन को बेदखल किया.
- सुरक्षा व्यवस्था का कायाकल्प: अमेरिकी सरकार ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) और ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) का गठन किया। इसके बाद दुनिया भर के हवाई अड्डों पर सख्त सुरक्षा जांच और कॉकपिट सुरक्षा नियम अनिवार्य किए गए.
- ग्राउंड ज़ीरो की बीमारी का लंबा दंश: हमलों के बाद राहत और मलबे की सफाई में महीनों जुटे रहे हजारों फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स और स्थानीय निवासी आज भी मलबे की जहरीली धूल से होने वाले गंभीर फेफड़ों के रोगों और कैंसर से जूझ रहे हैं, जिसके चलते मौतों का यह आंकड़ा वर्षों बाद भी बढ़ता रहा है.
25 वर्षों बाद भी 11 सितंबर का वह दिन अमेरिकी इतिहास और वैश्विक चेतना में गहरे दर्द और अटूट राष्ट्रीय साहस के प्रतीक के रूप में दर्ज है.