NASA Mars Photo: मंगल ग्रह पर दिखा 'टहलता हुआ इंसान'? नासा की पुरानी तस्वीर ने इंटरनेट पर फिर छेड़ी बहस
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के स्पिरिट रोवर द्वारा वर्ष 2007 में मंगल ग्रह पर ली गई एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रही है. तस्वीर में चट्टानों के बीच एक इंसानी आकृति जैसी संरचना दिखाई देने पर यूज़र्स एलियन जीवन के दावे कर रहे हैं, जबकि वैज्ञानिकों ने इसे ऑप्टिकल इल्यूजन (पेरिडोलिया) करार दिया है.
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वाशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के 'स्पिरिट रोवर' (Spirit Rover) द्वारा मंगल ग्रह की सतह पर खींची गई एक पैनोरमिक तस्वीर सोशल मीडिया (Social Media) पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. इस तस्वीर में कुछ लोग चट्टानों के बीच एक आकृति को 'टहलता हुआ इंसान' या एक मूर्ति बता रहे हैं.
हालांकि, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्राकृतिक चट्टान है और यह दृश्य मानवी मस्तिष्क के एक ऑप्टिकल इल्यूजन का परिणाम है. यह भी पढ़ें: अंतरिक्ष से पृथ्वी की अद्भुत तस्वीरें: नासा के Artemis II Mission में आईफोन 17 प्रो मैक्स का कमाल; देखें ओरियन यान से ली गई झलक
वर्ष 2007 की तस्वीर पर सोशल मीडिया में बहस
यह तस्वीर मूल रूप से वर्ष 2007 में स्पिरिट रोवर के मिशन के दौरान ली गई थी. हाल में जब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर हुई, तो इसे लेकर ऑनलाइन यूज़र्स के बीच कई तरह की थ्योरी सामने आने लगीं.
- यूज़र्स के दावे: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कुछ यूज़र्स का मानना है कि यह मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन या किसी एलियन मूर्ति का सबूत हो सकता है.
- संदेह जताने वाले यूज़र्स: वहीं कई अन्य यूज़र्स का कहना है कि यह केवल रोशनी, छाया और अलग-अलग कोणों से चट्टानों का ऐसा जमावड़ा है जो इंसानी रूप जैसा दिखाई दे रहा है.
नासा ने आधिकारिक रूप से दोहराया है कि दशकों के शोध के बावजूद मंगल ग्रह पर वर्तमान या अतीत में किसी भी प्रकार के जीवन के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं.
वैज्ञानिकों का रुख: क्या है 'पेरिडोलिया' (Pareidolia)?
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और प्लैनेटरी सोसाइटी के विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं को 'पेरिडोलिया' (Pareidolia) कहा जाता है. यह एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है, जिसमें मानव दिमाग बेतरतीब या अचेतन पैटर्न में कोई जानी-पहचानी आकृति (जैसे चेहरा या इंसानी शरीर) खोजने लगता है.
वैज्ञानिकों ने बताया कि अरबों वर्षों में ज्वालामुखी गतिविधियों, उल्कापिंडों के प्रभाव और तेज हवाओं के कटाव से मंगल ग्रह की चट्टानों ने अजीबोगरीब आकार ले लिए हैं. सही रोशनी और कोण में ये चट्टानें इंसानों, जानवरों या मूर्तियों जैसी दिखाई देने लगती हैं.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे दावे
मंगल ग्रह की तस्वीरों में अजीब आकृतियां दिखने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी यूएफओ (UFO) शोधकर्ताओं और इंटरनेट यूज़र्स ने लाल ग्रह की चट्टानों में 'डोरवे' (दरवाजा), 'फेस ऑन मार्स' (इंसानी चेहरा) और हाल ही में 'अदागा मिसाइल' जैसी संरचनाएं देखने के दावे किए थे.
वैज्ञानिकों का कहना है कि सूक्ष्मजीव (microbial life) के सुराग तलाशने के लिए कई रोवर मंगल ग्रह पर काम कर रहे हैं, लेकिन केवल अनोखे आकार की चट्टानों को एलियन सभ्यता का सबूत नहीं माना जा सकता.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2026 12:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

