Earth's Second Moon: धरती का 'दूसरा चांद', जानें क्या भारत से दिखेगा मिनी मून?

हमारी धरती के पास अब दो चांद हैं. हमारे नए चंद्रमा का नाम है 2024 PTS. ये छोटा चंद्रमा करीब दो महीने तक धरती के चारों तरफ चक्कर लगाएगा. यह एक मिनी-मून (Mini-Moon) है.

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Earth's Second Moon: हमारी धरती के पास अब दो चांद हैं. हमारे नए चंद्रमा का नाम है 2024 PTS. ये छोटा चंद्रमा करीब दो महीने तक धरती के चारों तरफ चक्कर लगाएगा. यह एक मिनी-मून (Mini-Moon) है. असल में यह एक एस्टेरॉयड है. यह अंतरिक्ष में अपनी लंबी यात्रा पर है. लेकिन धरती के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव में एक चक्कर यहां लगाकर तब आगे बढ़ेगा. यह छोटा चंद्रमा अगले दो महीने तक हमारी धरती के चारों ओर चक्कर लगाएगा. हालांकि, यह कोई असली चांद नहीं है, बल्कि एक एस्टेरॉयड है, जो धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति में फंस गया है. यह धरती के चारों ओर कुछ समय बिताने के बाद, अपनी अंतरिक्ष यात्रा पर आगे बढ़ जाएगा.

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कहां से आया यह मिनी-मून?

यह मिनी-मून अर्जुन एस्टेरॉयड बेल्ट का हिस्सा है, जो धरती और सूर्य के बीच स्थित है. इस बेल्ट में कई छोटे-छोटे पत्थर होते हैं, जो कभी-कभी धरती के करीब आ जाते हैं. यह बेल्ट सूर्य से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर है, जो धरती की सूर्य से दूरी के बराबर ही है. इस एस्टेरॉयड की खोज अगस्त में स्पेन के वैज्ञानिकों ने की थी और यह 25 नवंबर को धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से मुक्त हो कर फिर से अंतरिक्ष में निकल जाएगा.

क्या आप भारत से देख सकते हैं इस मिनी-मून को?

नहीं, आप इस मिनी मून को अपनी खुली आंखों से नहीं देख सकते. वास्तव में, सामान्य टेलीस्कोप से भी इसे देख पाना संभव नहीं है. इसकी कमजोर चमक और छोटे आकार के कारण, इसे केवल बड़े, प्रोफेशनल-ग्रेड के टेलीस्कोप से ही देखा जा सकता है. अगर आपके पास बड़ा स्पेस उपकरण नहीं है, तो आपको ऑनलाइन ऑब्जर्वेटरी से मिलने वाली तस्वीरों पर निर्भर रहना पड़ेगा.

मिनी-मून कैसे बनते हैं?

मिनी-मून दो तरीकों से बनते हैं. पहला तरीका यह है कि कोई वस्तु, जैसे एस्टेरॉयड, धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति में लंबे समय के लिए फंस जाए और सालों तक इसके चारों ओर घूमता रहे. दूसरा तरीका यह है कि कोई एस्टेरॉयड थोड़े समय के लिए आए, एक-दो चक्कर लगाए और फिर अंतरिक्ष में वापस चला जाए. 2024 PTS इसी दूसरे तरीके का उदाहरण है, जो कुछ हफ्तों के लिए धरती के पास रहेगा और फिर निकल जाएगा.

पहले भी आ चुके हैं मिनी-मून

यह पहली बार नहीं है जब धरती के पास एक मिनी मून आया हो. इससे पहले भी दो महत्वपूर्ण मिनी-मून आए थे — 2006 RH120 और 2020 CD3, जो लंबे समय तक धरती के चारों ओर घूमते रहे. इनके अलावा, कुछ छोटे एस्टेरॉयड भी कम समय के लिए धरती के पास से गुजरे हैं, जैसे 1991 VG और 2022 NX1. अब वैज्ञानिक इस नए मिनी-मून, 2024 PTS, के मार्ग और गतिविधियों का अध्ययन कर रहे हैं.

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