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Budget 2025-26: तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से एआई के क्षेत्र में मजबूत होगी भारत की स्थिति

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत को टेक-पावर्ड इकोनॉमी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और इस सेक्टर में शिक्षा को बढ़ाने के लिए तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का ऐलान एक अच्छा कदम है. यह जानकारी रविवार को इंडस्ट्री लीडर्स की ओर से दी गई.

Budget 2025-26: तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से एआई के क्षेत्र में मजबूत होगी भारत की स्थिति
AI (img: pixabay)

नई दिल्ली, 2 फरवरी : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत को टेक-पावर्ड इकोनॉमी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और इस सेक्टर में शिक्षा को बढ़ाने के लिए तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का ऐलान एक अच्छा कदम है. यह जानकारी रविवार को इंडस्ट्री लीडर्स की ओर से दी गई.

भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने के उद्देश्य से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एआई क्षेत्र में छात्रों को शिक्षित करने के लिए तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का ऐलान किया है. इसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. यह भी पढ़ें : अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखी चिट्ठी, कहा- ‘आप’ कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे भाजपाई

विप्रो लिमिटेड की सीएफओ अपर्णा अय्यर ने कहा, "भारत को वैश्विक एआई दौड़ में अग्रणी के रूप में स्थापित करने के लिए एसटीईएम टैलेंट में निवेश को प्राथमिकता देना अनिवार्य है. हमारे पास डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन को बढ़ावा देने में सक्षम एक संपन्न स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए आवश्यक टैलेंट पूल भी है."

उन्होंने आगे कहा कि इस क्षमता को सामने लाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना और स्टार्टअप कम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए व्यवसाय संचालन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना भी महत्वपूर्ण है. स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस) इस इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा.

टेक महिंद्रा के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, अतुल सोनेजा के अनुसार, बजट में एआई, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) और फ्यूचर रेडी टैलेंट जैसे डीप टेक इनोवेशन पर फोकस "विकसित भारत" के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. उन्होंने आगे कहा,"डीपटेक फंड ऑफ फंड्स और टेक रिसर्च के लिए 10,000 फेलोशिप और 5 नेशनल सीओई जैसी पहल अगली पीढ़ी की तकनीक के लिए एक इकोसिस्टम विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराती है.

सरकार के अनुसार, ये नए एआई सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस एडवांस रिसर्च, एआई लर्निंग टूल्स के विकास और शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर काम करेंगे. इसका लक्ष्य छात्रों को भविष्य में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक स्किल से लैस करना है.

डेलॉयट इंडिया के पार्टनर अंजनी कुमार के अनुसार, शिक्षा के लिए एआई सीओई की स्थापना में निवेश सामाजिक विकास के लिए एआई का लाभ उठाने के सरकार के चल रहे प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2025 11:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).