गंभीर ने वर्ल्डकप टीम पर उठाया सवाल, रायडू को बाहर किये जाने पर बहस की मांग की
साल 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य गंभीर ने कहा, "मुझे नहीं पता। यह अंतत: एमएसके (प्रसाद) की बात है, यह उन लोगों की नहीं है जिनके पास अनुभव है। यह आपके ऊपर है कि आपको क्या सही लगता है और यह अनुभव के साथ नहीं आता है बल्कि यह विश्वास के साथ आता है।"
नई दिल्ली. पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि आगामी विश्व कप के लिए चयनकर्ताओं को टीम में कुछ नए चेहरों को शामिल करना चाहिए था ताकि विपक्षी टीमों को चौंकाया किया जा सके। गंभीर ने क्रिकप्ले मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम से इतर आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुख्य चयनकर्ता एम.एस.के. प्रसाद को युवाओं पर विश्वास जताना चाहिए था और उनका समर्थन करना चाहिए था।
हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अगर चयनकर्ता समझते हैं कि यह सबसे अच्छी टीम है तो अन्य लोगों को भी उनका समर्थन करना चाहिए।
साल 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य गंभीर ने कहा, "मुझे नहीं पता। यह अंतत: एमएसके (प्रसाद) की बात है, यह उन लोगों की नहीं है जिनके पास अनुभव है। यह आपके ऊपर है कि आपको क्या सही लगता है और यह अनुभव के साथ नहीं आता है बल्कि यह विश्वास के साथ आता है।"
उन्होंने कहा, "यदि आपका विश्वास मजबूत है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने 100 टेस्ट मैच खेले हैं या एक भी टेस्ट नहीं खेला है। यह आपका विश्वास और आत्मविश्वास है, जो किसी भी चीज से ज्यादा मायने रखता है।"
गंभीर ने कहा, "अंत में, हम सभी यही चाहते हैं कि भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करे और विश्व कप जीतने की कोशिश करे। अगर उन्हें लगता है कि यह 15 ही सर्वश्रेष्ठ हैं तो हमें उनका समर्थन करना होगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या ऋषभ पंत की जगह दिनेश कार्तिक को चुना जाना अनुचित है, गंभीर ने कहा कि वह अंबाती रायडू के लिए भी इतने ही निराश हैं। पंत के पक्ष में तो अभी उम्र है लेकिन रायडू के लिए तो वह भी नहीं है।
उन्होंने कहा, "केवल एक ही खिलाड़ी के बारे में क्यों बात करें? यहां रायडू भी हैं जो टीम में जगह बनाने से चूक गए। वनडे मैचों में उनका (रायडू का) 48 का औसत है। केवल पंत पर ही ध्यान क्यों? मुझे लगता है कि यह रायडू जैसे खिलाड़ी के लिए कहीं अधिक निराशाजनक है क्योंकि पंत की अभी उम्र है।"
मौजूदा टीम के बारे में गंभीर ने कहा कि इस बार की गेंदबाजी 2011 की विश्व कप जीतने वाली गेंदबाजी से बेहतर है।
उन्होंने कहा, "हमारे पास धोनी का अनुभव है, जो अपना चौथा विश्व कप खेल रहे हैं। इसके अलावा हार्दिक पांड्या भी हैं, जिनका एक्स-फैक्टर है। इस बार हमारे पास 2011 से कहीं बेहतर गेंदबाजी आक्रमण है।"
गंभीर ने कहा, "हमारे पास जसप्रीत बुमराह हैं, जो मौजूदा दौर में सीमित ओवरों के क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। मुझे लगता है कि यही कारण है कि इस बार हमारे पास 2011 तुलना में कहीं अधिक बेहतर गेंदबाजी आक्रमण है। अब यह बल्लेबाजों के ऊपर है कि वे स्कोरबोर्ड पर रन लगाएं।"
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2019 07:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

