Team India Celebration Video: तिरंगा ओढ़े मैदान में पहुंची प्रातिका रावल, मिताली राज ने ट्रॉफी को लगाया गले; Women's World Cup 2025 जीत के जश्न में डूबी टीम इंडिया
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में वो रात शायद ही कोई भारतीय क्रिकेट फैन कभी भूल पाएगा. जैसे ही साउथ अफ्रीका का आखिरी विकेट गिरा, पूरा स्टेडियम नीले रंग में डूब गया.
Team India Celebration Video: नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में रविवार की रात भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गई. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया (India women's National Cricket Team) ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप जीता. आखिरी विकेट गिरते ही पूरा मैदान झंडों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. खिलाड़ियों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी.
पहले बल्लेबाजी करते हुए बनाए 298 रन
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए, जिसमें शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा (Team India Women World Cup) की शानदार साझेदारी ने टीम की नींव मजबूत की. शेफाली ने 78 गेंदों में 87 रन बनाए, जबकि दीप्ति ने 58 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली. दोनों ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया. दीप्ति ने पांच और शेफाली ने दो अहम विकेट (Team India Win) लेकर दक्षिण अफ्रीका को 246 रनों पर समेट दिया.
वर्ल्ड कप जीत के जश्न में डूबी टीम इंडिया
हर आंख नम, हर दिल गर्व से भरा
इतिहास की किताबों के लिए एक क्षण।
इस पल का पूरा भारत इंतजार कर रहा था
सोशल मीडिया पर जश्न का वीडियो वायरल
फाइनल के बाद मैदान पर जश्न का माहौल था. जब हरमनप्रीत ट्रॉफी लेने पहुंचीं, तो उन्होंने कई बार खिलाड़ियों को ट्रॉफी देने का मजाक उड़ाया, लेकिन फिर खुद ही उसे उठाकर नाचने लगीं. उनके इस अंदाज पर पूरी टीम हंस पड़ी. शेफाली भी जोर से हंस पड़ीं. यह पल सोशल मीडिया (Team India Women's Cricket) पर तेजी से वायरल हो गया.
जश्न के दौरान भावुक करने वाला पल
जश्न के दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब टीम ने पूर्व कप्तान मिताली राज और तेज गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया. दोनों दिग्गज खिलाड़ी अपनी आंखों से आँसू नहीं रोक पाईं. मिताली ने ट्रॉफी को अपने सीने से लगा लिया, जबकि झूलन ने मुस्कुराते हुए हर खिलाड़ी को गले लगाया. ये वो दो खिलाड़ी हैं जिन्होंने सालों पहले यह सपना (Team India Won) देखा था, जो अब आखिरकार पूरा हो गया है.
व्हीलचेयर पर मैदान में पहुंची प्रतीक रावल
इस बीच, जब चोटिल सलामी बल्लेबाज प्रतीक रावल तिरंगे में लिपटी व्हीलचेयर पर मैदान में उतरीं, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. टीम के सभी खिलाड़ी दौड़कर उसके पास आए और उसे ट्रॉफी के साथ ऊपर उठा लिया. यह नजारा सिर्फ जीत का प्रतीक ही नहीं, बल्कि टीम भावना और दोस्ती की मिसाल भी था.
'मिताली-झूलन के बिना अधूरा रहता सफर'
कप्तान हरमनप्रीत ने कहा, "मिताली दी और झूलन दी के बिना यह सफर अधूरा होता. उन्होंने हमें सिखाया कि जीत से पहले विश्वास जरूरी है." इस जीत ने न सिर्फ एक ट्रॉफी दिलाई, बल्कि भारत की हर उस लड़की को हिम्मत भी दी जो अपने सपनों को साकार करना चाहती है.