Happy Birthday MS Dhoni: 45 साल के हुए 'कैप्टन कूल' एमएस धोनी, जानिए भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान की शानदार कहानी
साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी धोनी का क्रिकेट से जुड़ाव बरकरार है. वह इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए हैं और अपनी मौजूदगी से टीम तथा युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं. 45 साल की उम्र में भी महेंद्र सिंह धोनी लाखों युवाओं के लिए नेतृत्व, धैर्य और संघर्ष की मिसाल बने हुए हैं.
7 जुलाई 1981 को रांची में जन्मे धोनी का रेलवे में टिकट कलेक्टर से लेकर क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल होने तक का सफर उनकी प्रतिभा और कड़ी मेहनत की मिसाल है. उन्होंने 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी तथा शानदार विकेटकीपिंग से जल्द ही भारतीय टीम में अपनी खास पहचान बना ली. इसके बाद उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई और यहीं से भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौर की शुरुआत हुई.
ट्रॉफियों से सजा कप्तानी का सुनहरा सफर
धोनी की कप्तानी का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल दौर माना जाता है. वह दुनिया के इकलौते कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी की तीनों बड़ी लिमिटेड ओवर ट्रॉफियां जीती हैं.
आईसीसी टी20 विश्व कप 2007
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2011
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013
धोनी की कप्तानी में भारत 2009 में पहली बार आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में नंबर-1 बना. उनका सुनहरा सफर फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी जारी रहा. उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स को 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में पांच आईपीएल खिताब दिलाए. इसके अलावा उन्होंने सीएसके को 2010 और 2014 में दो बार चैंपियंस लीग टी20 का विजेता भी बनाया.
कप्तानी से आगे, फिनिशर और विकेटकीपर के रूप में भी बेमिसाल
कप्तानी के अलावा धोनी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं. वनडे क्रिकेट में विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उनका नाबाद 183 रन का स्कोर आज भी रिकॉर्ड है, जो उन्होंने 2005 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था.
विकेट के पीछे उनकी फुर्ती, बिजली जैसी तेज स्टंपिंग और भरोसेमंद ग्लववर्क ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में शामिल किया. वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 123 स्टंपिंग का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है. धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 17,266 रन बनाए.
साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी धोनी का क्रिकेट से जुड़ाव बरकरार है. वह इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए हैं और अपनी मौजूदगी से टीम तथा युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं. 45 साल की उम्र में भी महेंद्र सिंह धोनी लाखों युवाओं के लिए नेतृत्व, धैर्य और संघर्ष की मिसाल बने हुए हैं.