Explainer: भारत-श्रीलंका मैच की पिच पर क्यों उठे सवाल? जानिए मुकाबले से पहले कैसे तैयार होती है 22 गज की पट्टी
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर है, जहां उसे मेजबान टीम के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. सीरीज का पहला मुकाबला 15 से 19 अगस्त तक गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. वहीं दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में होगा. भारत की कप्तानी शुभमन गिल कर रहे हैं, जबकि श्रीलंका की कमान धनंजय डी सिल्वा के हाथों में है.
Sri Lanka National Cricket Team vs India National Cricket Team Test Series 2026: श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम बनाम भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15-19 अगस्त तक खेला जाएगा. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला गॉल (Galle) के गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Galle International Stadium) में भारतीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे से शुरू होगा. टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 28 जुलाई को टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है. इस टीम में सबसे बड़ा आकर्षण मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सरांश जैन का पहला टेस्ट कॉल-अप रहा. 33 वर्षीय खिलाड़ी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है. वहीं, वॉशिंगटन सुंदर दाएं हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन के कारण कम से कम पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं, जिसकी वजह से सरांश जैन को मौका मिला है. इस सीरीज में टीम इंडिया की कमान शुभमन गिल (Shubman Gill) संभालेंगे. यह भी पढ़ें: India vs Sri Lanka Test Series 2026 Full Schedule: टीम इंडिया बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए दोनों टीमें, शेड्यूल और सभी अहम जानकारी
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर है, जहां उसे मेजबान टीम के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. सीरीज का पहला मुकाबला 15 से 19 अगस्त तक गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. वहीं दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में होगा. भारत की कप्तानी शुभमन गिल कर रहे हैं, जबकि श्रीलंका की कमान धनंजय डी सिल्वा के हाथों में है.
भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट के शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. मुकाबला 15 अगस्त को सुबह 10 बजे से शुरू होगा. लेकिन मैच से पहले गाले की पिच को लेकर चर्चा तेज हो गई है. दरअसल, भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पिच का निरीक्षण किया था. उस समय पिच कवर्स से ढकी हुई थी. क्यूरेटर से बातचीत के बाद पिच से कवर हटाए गए और दोनों कोचों ने पिच का जायजा लिया.
इसके बाद पिच में बदलाव किए जाने की खबरें सामने आईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंभीर और कोटक के निरीक्षण के करीब दो घंटे बाद पिच से घास हटाई गई और उस पर सॉफ्ट रोलर चलाया गया. बाद में जब कप्तान शुभमन गिल और गौतम गंभीर पिच देखने पहुंचे तो पिच का रूप पहले से अलग नजर आया. इसी वजह से पिच को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर टेस्ट मैच से पहले 22 गज की पिच को तैयार करने की प्रक्रिया क्या होती है और ग्राउंड्समैन किन चीजों का ध्यान रखते हैं.
मैच से पहले कैसे तैयार की जाती है पिच?
क्रिकेट मैच से पहले पिच को तैयार करने में ग्राउंड्समैन की अहम भूमिका होती है. खासकर टेस्ट क्रिकेट में यह काम और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि मुकाबला पांच दिनों तक चलता है. पिच को इस तरह तैयार किया जाता है कि पूरे मैच के दौरान उसके व्यवहार में बदलाव देखने को मिले और खेल के अलग-अलग चरणों में बल्लेबाजों और गेंदबाजों को चुनौती मिलती रहे.
पिच तैयार करने की प्रक्रिया में मिट्टी के चयन से लेकर पानी देना, रोलिंग, घास की कटाई और क्रीज की मार्किंग तक कई चरण शामिल होते हैं.
1- पिच और मिट्टी का चयन
पिच तैयार करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण काम सही सतह और मिट्टी का चयन करना होता है. अलग-अलग मैदानों में लाल मिट्टी, काली मिट्टी या दोनों के मिश्रण से तैयार पिचें देखने को मिलती हैं. मिट्टी का प्रकार पिच के व्यवहार पर काफी असर डालता है. इसलिए मैच की परिस्थितियों और मैदान की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए तय किया जाता है कि किस पिच पर मुकाबला कराया जाएगा.
2- पिच को समतल करना
अगर किसी पिच पर लंबे समय से मुकाबला नहीं खेला गया है या उसकी सतह पर दरारें और असमानता आ गई है तो सबसे पहले उसे समतल किया जाता है. ग्राउंड्समैन मिट्टी की मदद से ऊंचे और नीचे हिस्सों को ठीक करते हैं, ताकि मैच के दौरान गेंद के असमान तरीके से उछलने की समस्या न हो. पिच की सतह को एक समान और मजबूत बनाना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है.
3- घास की मात्रा पर नियंत्रण
पिच पर मौजूद घास मैच के दौरान गेंदबाजों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है. इसलिए ग्राउंड्समैन घास की मात्रा और उसकी लंबाई को नियंत्रित करते हैं. आमतौर पर ज्यादा घास वाली पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, जबकि घास कम होने और पिच सूखने पर स्पिनरों के लिए परिस्थितियां बेहतर हो सकती हैं. हालांकि पिच का व्यवहार सिर्फ घास पर निर्भर नहीं करता, बल्कि मिट्टी, नमी, मौसम और सतह की मजबूती भी महत्वपूर्ण होती है.
4- पिच को पानी देना
पिच की तैयारी में पानी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. जरूरत के मुताबिक पिच पर पानी डाला जाता है, जिससे मिट्टी में आवश्यक नमी बनी रहे. हालांकि मैच से पहले पानी की मात्रा को बेहद सावधानी से नियंत्रित किया जाता है. ज्यादा नमी पिच के व्यवहार को प्रभावित कर सकती है, जबकि बहुत ज्यादा सूखी सतह भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकती.
5- पिच की रोलिंग
पिच तैयार करने के दौरान रोलिंग बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है. ग्राउंड्समैन जरूरत के अनुसार भारी या हल्के रोलर का इस्तेमाल करते हैं. रोलिंग से मिट्टी के कण अच्छी तरह बैठते हैं और सतह मजबूत तथा कॉम्पैक्ट बनती है. मैच से पहले की परिस्थितियों के आधार पर अंतिम रोलिंग भी की जा सकती है.
6- घास की कटाई और सफाई
मैच से पहले पिच पर मौजूद घास की कटाई की जाती है. कितनी घास रखनी है और कितनी हटानी है, इसका फैसला पिच की स्थिति, मौसम और अपेक्षित परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाता है. पिच की अतिरिक्त घास और मिट्टी को साफ किया जाता है. इसके बाद ग्राउंड्समैन पिच की नमी, कठोरता और सतह की स्थिति की जांच करते हैं. मौसम और पिच की स्थिति के आधार पर अंतिम रोलिंग या पानी देने का फैसला किया जाता है.
7- पिच की अंतिम जांच
मैच से पहले पिच की पूरी तरह से जांच की जाती है. इस दौरान उसकी नमी, मजबूती, घास, सतह और रोलिंग जैसी चीजों पर ध्यान दिया जाता है. ग्राउंड्समैन यह सुनिश्चित करते हैं कि पिच मैच के लिए तैयार है और उस पर गेंद के उछाल में अनावश्यक समस्या न आए.
8- पिच पर क्रीज मार्किंग
जब पिच लगभग पूरी तरह तैयार हो जाती है तो उसे अंतिम रूप देने के लिए क्रीज की मार्किंग की जाती है. इसमें पॉपिंग क्रीज, बॉलिंग क्रीज और रिटर्न क्रीज की सफेद लाइनें तय माप के अनुसार बनाई जाती हैं. क्रीज की सही मार्किंग जरूरी होती है, क्योंकि गेंदबाजों और बल्लेबाजों के लिए इनकी स्थिति मैच के नियमों के अनुसार निर्धारित होती है.
पिच में बदलाव होना कितना सामान्य है?
मैच से एक दिन पहले पिच पर घास काटना, रोलिंग करना या उसकी नमी को नियंत्रित करना ग्राउंड्समैन की सामान्य तैयारी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है. पिच को अंतिम रूप देने का फैसला मौसम, नमी, घास और सतह की स्थिति को देखकर किया जाता है. इसलिए किसी पिच पर अंतिम समय में बदलाव दिखाई देना अपने आप में किसी अनुचित गतिविधि का प्रमाण नहीं माना जा सकता. हालांकि, भारत-श्रीलंका टेस्ट से पहले पिच के स्वरूप में आए बदलावों के कारण इस पर चर्चा जरूर तेज हो गई है.
अब सभी की नजरें 15 अगस्त को गाले में होने वाले पहले टेस्ट पर रहेंगी. यह देखना दिलचस्प होगा कि पिच मैच के शुरुआती दिन बल्लेबाजों को मदद देती है या स्पिनरों का दबदबा देखने को मिलता है और पांच दिनों के दौरान इसका मिजाज किस तरह बदलता है.
नोट: श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम बनाम भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच पहले टेस्ट मैच का लाइव स्कोरकार्ड आप हमारी वेबसाइट पर भी देख सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2026 05:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

