EXPLAINER: क्या है दलीप ट्रॉफी? कब हुई थी शुरुआत, किसके नाम पर रखा गया नाम और क्यों है भारतीय क्रिकेट के लिए इतनी खास
दलीप ट्रॉफी सिर्फ एक घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की वह प्रयोगशाला है जहां से कई दिग्गज टेस्ट क्रिकेटर निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचे हैं. यही वजह है कि हर साल चयनकर्ता और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता पर टिकी रहती हैं.
EXPLAINER On Duleep Trophy: भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू प्रथम श्रेणी (First-Class) क्रिकेट टूर्नामेंटों में शामिल दलीप ट्रॉफी 2026 का आगाज 23 अगस्त से होने जा रहा है. इस बार ईस्ट जोन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया है, जिसके बाद इस टूर्नामेंट को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह और बढ़ गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दलीप ट्रॉफी की शुरुआत कब हुई थी, इसका नाम किसके सम्मान में रखा गया और यह भारतीय क्रिकेट के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है? आइए जानते हैं इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का पूरा इतिहास. यह भी पढ़ें: WTC 2025-27 Final India Qualification Scenario: टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के लिए कितने मैच जीतने होंगे? जानिए पूरा गणित
किसके नाम पर रखा गया दलीप ट्रॉफी का नाम?
दलीप ट्रॉफी का नाम कुमार श्री दलीपसिंहजी (Kumar Shri Duleepsinhji) के सम्मान में रखा गया है. दलीपसिंहजी भारतीय मूल के महान बल्लेबाज थे, जिन्होंने 1929 से 1931 के बीच इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला था. उस दौर में भारत को टेस्ट दर्जा नहीं मिला था, इसलिए उन्होंने इंग्लैंड की ओर से क्रिकेट खेला.
दलीपसिंहजी अपनी शानदार बल्लेबाजी तकनीक और आकर्षक शैली के लिए प्रसिद्ध थे. वह महान क्रिकेटर कुमार श्री रणजीतसिंहजी के भतीजे थे, जिनके नाम पर भारत की सबसे प्रतिष्ठित घरेलू प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी खेली जाती है.
दलीपसिंहजी का क्रिकेट करियर
दलीपसिंहजी ने अपने छोटे लेकिन शानदार टेस्ट करियर में 12 टेस्ट मैचों की 19 पारियों में 995 रन बनाए. इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 58.52 रहा. उन्होंने 3 शतक और 5 अर्धशतक लगाए, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 173 रन रहा. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड और भी शानदार रहा. उन्होंने 205 मैचों में 15,485 रन बनाए, जिसमें 50 शतक और 64 अर्धशतक शामिल हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 333 रन रहा.
दलीप ट्रॉफी की शुरुआत कब हुई?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 1961-62 सीजन में दलीप ट्रॉफी की शुरुआत की थी. इस टूर्नामेंट का उद्देश्य देश के अलग-अलग क्रिकेट जोन के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट उपलब्ध कराना था, ताकि भारतीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा सके. आज भी दलीप ट्रॉफी को भारतीय टेस्ट टीम के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने वाला सबसे महत्वपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट माना जाता है.
पहली बार किसने जीती थी दलीप ट्रॉफी?
दलीप ट्रॉफी का पहला संस्करण 1961-62 में खेला गया था. इसका पहला खिताब वेस्ट जोन ने जीता था. मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेले गए फाइनल में वेस्ट जोन ने साउथ जोन को 10 विकेट से हराकर इतिहास रचा था. साउथ जोन ने पहली पारी में 226 रन बनाए थे. जवाब में वेस्ट जोन ने 287 रन बनाकर बढ़त हासिल की. दूसरी पारी में साउथ जोन सिर्फ 121 रन पर सिमट गई और वेस्ट जोन ने 61 रन का लक्ष्य बिना विकेट गंवाए हासिल कर लिया.
दलीप ट्रॉफी में सिर्फ 6 टीमें ही क्यों खेलती हैं?
दलीप ट्रॉफी राज्य आधारित नहीं बल्कि जोन आधारित टूर्नामेंट है. पूरे भारत को छह क्रिकेट जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की एक टीम इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेती है.