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Ajinkya Rahane Retires: अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने वाले कप्तान ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा

अजिंक्य रहाणे सिर्फ एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि ऐसे कप्तान के रूप में भी हमेशा याद किए जाएंगे जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में भारत को उसकी सबसे यादगार टेस्ट सीरीज जीत दिलाई. डोंबिवली से भारतीय टीम के नेतृत्व तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा.

Ajinkya Rahane Retires: अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने वाले कप्तान ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा

Ajinkya Rahane Retires: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताने वाले कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी. 38 वर्षीय रहाणे ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए कहा, "आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने का यही सही समय है और मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं." ICC T20 World Cup 2028: ICC का बड़ा फैसला, बदला टी20 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट; सेमीफाइनल से पहले होंगे 2 एलिमिनेटर मुकाबले

रहाणे ने 2011 में भारत के लिए डेब्यू किया था और अपने करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले. हालांकि उनके बल्ले से कई यादगार पारियां निकलीं, लेकिन क्रिकेट प्रेमी उन्हें सबसे ज्यादा 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनकी शानदार कप्तानी के लिए याद करेंगे, जब उन्होंने चोटों से जूझ रही युवा भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताई थी.

2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: रहाणे की कप्तानी में रचा गया इतिहास

एडिलेड टेस्ट में भारत के महज 36 रन पर ऑलआउट होने और नियमित कप्तान विराट कोहली के पितृत्व अवकाश पर स्वदेश लौटने के बाद किसी ने भी भारतीय टीम से वापसी की उम्मीद नहीं की थी. लेकिन अजिंक्य रहाणे की शांत नेतृत्व क्षमता और बेहतरीन रणनीति ने पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और भारत ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली.

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए दूसरे टेस्ट में रहाणे ने कप्तानी पारी खेलते हुए 112 रन बनाए और भारत को आठ विकेट से जीत दिलाई. इसके बाद सिडनी टेस्ट में टीम ने शानदार जज्बा दिखाते हुए मुकाबला ड्रॉ कराया, जबकि ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर 328 रन का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर ऑस्ट्रेलिया के 32 साल पुराने अजेय रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी

Test तारीख मैदान परिणाम रहाणे का योगदान
दूसरा टेस्ट 26-29 दिसंबर 2020 मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड भारत 8 विकेट से जीता 112 और नाबाद 27 रन
तीसरा टेस्ट 7-11 जनवरी 2021 सिडनी क्रिकेट ग्राउंड मुकाबला ड्रॉ शानदार कप्तानी और टीम को संघर्ष के लिए प्रेरित किया
चौथा टेस्ट 15-19 जनवरी 2021 द गाबा, ब्रिस्बेन भारत 3 विकेट से जीता 328 रन के ऐतिहासिक लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए सीरीज जिताई

अजिंक्य रहाणे ने संन्यास का ऐलान किया (वीडियो देखें):

 

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टेस्ट कप्तान के रूप में कभी नहीं हारे रहाणे

अजिंक्य रहाणे ने भारत की कप्तानी छह टेस्ट मैचों में की, जिसमें टीम ने चार मुकाबले जीते और दो ड्रॉ खेले. बतौर टेस्ट कप्तान उन्हें कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा. उनकी शांत सोच, बेहतरीन फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजों का शानदार इस्तेमाल उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी पहचान रही.

मेलबर्न टेस्ट में लगाया गया उनका शतक भारतीय टीम के आत्मविश्वास को लौटाने वाला साबित हुआ, जबकि गाबा टेस्ट में उनकी कप्तानी में मिली जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे महान उपलब्धियों में गिनी जाती है.

अजिंक्य रहाणे सिर्फ एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि ऐसे कप्तान के रूप में भी हमेशा याद किए जाएंगे जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में भारत को उसकी सबसे यादगार टेस्ट सीरीज जीत दिलाई. डोंबिवली से भारतीय टीम के नेतृत्व तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2026 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).