Commonwealth Games 2026: भारत के सबसे सफल खेल ही हुए बाहर, ग्लासगो में इस बार मेडल जीतना क्यों होगा मुश्किल?
भारत ने पिछले कुछ कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में पदक जीते हैं, लेकिन इस बार कई प्रमुख खेलों के बाहर होने से भारतीय दल के सामने चुनौती पहले से कहीं ज्यादा कठिन होगी. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि उपलब्ध खेलों में भारतीय खिलाड़ी कितना दम दिखा पाते हैं.
Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होगी. इस बार राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन सीमित बजट में किया जा रहा है. यही वजह है कि प्रतियोगिता सिर्फ चार वेन्यू पर आयोजित होगी और यह पिछले 32 वर्षों का सबसे छोटा कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण माना जा रहा है. इस बार भारत के लिए पदकों की संख्या में गिरावट देखने को मिल सकती है, क्योंकि जिन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा है, उनमें से कई को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है. Commonwealth Games 2026 India's Full Schedule: ग्लासगो में कब शुरू होंगे मुकाबले, भारत में कितने बजे देख पाएंगे इवेंट्स, जानें पूरा शेड्यूल और भारतीय दल की पूरी जानकारी
सिर्फ 10 खेलों में होंगे 215 मेडल इवेंट्स
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इस बार सिर्फ 10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स आयोजित किए जाएंगे. भारत की ओर से 126 खिलाड़ियों का दल इसमें हिस्सा ले रहा है. हालांकि, जिन खेलों को शामिल किया गया है, उनमें भारत का प्रदर्शन पारंपरिक रूप से उतना मजबूत नहीं रहा है, जिससे मेडल टैली प्रभावित हो सकती है.
भारत के मजबूत खेलों को किया गया बाहर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कार्यक्रम से शूटिंग, हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे लोकप्रिय खेलों को हटा दिया गया है. इन खेलों में भारत ने पिछले कई संस्करणों में बड़ी संख्या में पदक जीते थे. टीम स्पोर्ट्स में इस बार केवल नेटबॉल और 3x3 बास्केटबॉल को जगह मिली है. खर्च कम रखने के लिए कई आउटडोर प्रतियोगिताओं को भी हटाया गया है. वहीं लॉन बॉल्स का आयोजन इस बार खुले मैदान की बजाय इनडोर एरीना में कराया जाएगा.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शामिल खेल
एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स (ट्रैक एवं फील्ड)
तैराकी और पैरा तैराकी
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स
ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग
नेटबॉल
वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग
बॉक्सिंग
जूडो
लॉन बॉल्स और पैरा बॉल्स
3x3 बास्केटबॉल और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल
चार वेन्यू पर होगा पूरा आयोजन
लागत कम रखने के लिए पूरे कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन ग्लासगो के सिर्फ चार वेन्यू पर किया जाएगा. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को नए कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज की बजाय मौजूदा होटलों में ठहराया जाएगा. सीमित संसाधनों और बजट के कारण कई खेलों को कार्यक्रम से हटाने का फैसला लिया गया.
ऑस्ट्रेलिया ने छोड़ी मेजबानी, फिर ग्लासगो को मिली जिम्मेदारी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी. 2022 के अंत में इसकी आधिकारिक घोषणा भी हुई थी, लेकिन बढ़ती लागत का हवाला देते हुए ऑस्ट्रेलिया ने लगभग नौ महीने बाद मेजबानी से पीछे हटने का फैसला कर लिया. इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने नए मेजबान की तलाश शुरू की और अक्टूबर 2024 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो को आधिकारिक मेजबान घोषित किया गया.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ी
भारत की ओर से कुल 126 एथलीट ग्लासगो में हिस्सा लेंगे. इनमें 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. भारतीय दल विभिन्न खेलों और पैरा स्पर्धाओं में पदक जीतने की कोशिश करेगा.
भारतीय दल (खेलवार):
एथलेटिक्स: 32 खिलाड़ी (22 पुरुष, 10 महिला)
बॉक्सिंग: 14 खिलाड़ी
जूडो: 14 खिलाड़ी
वेटलिफ्टिंग: 12 खिलाड़ी
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: 8 खिलाड़ी
ट्रैक साइक्लिंग: 6 खिलाड़ी
लॉन बॉल्स: 6 खिलाड़ी
तैराकी: 5 खिलाड़ी
पैरा स्पर्धाएं:
पैरा एथलेटिक्स: 11 खिलाड़ी
पैरा पावरलिफ्टिंग: 7 खिलाड़ी
पैरा तैराकी: 6 खिलाड़ी
3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल: 4 खिलाड़ी
पैरा ट्रैक साइक्लिंग: 1 खिलाड़ी
भारत ने पिछले कुछ कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में पदक जीते हैं, लेकिन इस बार कई प्रमुख खेलों के बाहर होने से भारतीय दल के सामने चुनौती पहले से कहीं ज्यादा कठिन होगी. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि उपलब्ध खेलों में भारतीय खिलाड़ी कितना दम दिखा पाते हैं.