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Commonwealth Games 2026: राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का सुनहरा इतिहास, 200 से ज्यादा गोल्ड समेत 500+ पदक जीतकर बनाया दबदबा

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे ज्यादा सफलता निशानेबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में हासिल की है. निशानेबाजी में भारत ने 135, भारोत्तोलन में 133 और कुश्ती में 114 पदक जीते हैं. इसके अलावा एथलेटिक्स में 46, मुक्केबाजी में 44, बैडमिंटन में 31 और टेबल टेनिस में 28 पदक भारत के नाम हैं. महिला क्रिकेट में भारत ने रजत पदक और तैराकी में कांस्य पदक भी अपने नाम किया है.

Commonwealth Games 2026: राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का सुनहरा इतिहास, 200 से ज्यादा गोल्ड समेत 500+ पदक जीतकर बनाया दबदबा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Photo Credit: X Formerly Twitter)

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो चुका है. भारत इस बार 120 से अधिक खिलाड़ियों के दल के साथ अलग-अलग खेलों में अपनी चुनौती पेश कर रहा है. पिछले संस्करण की तुलना में इस बार कम खेल शामिल किए गए हैं, इसलिए पदकों की संख्या भी कम रहने की संभावना है. इसके बावजूद भारतीय दल से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत अब तक 500 से अधिक पदक जीत चुका है और दुनिया की सबसे सफल टीमों में शामिल है. Commonwealth Games 2026 India's Full Schedule: ग्लासगो में कब शुरू होंगे मुकाबले, भारत में कितने बजे देख पाएंगे इवेंट्स, जानें पूरा शेड्यूल और भारतीय दल की पूरी जानकारी

1930 में पहली बार हुआ था राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन

राष्ट्रमंडल खेलों का विचार सबसे पहले 1891 में जॉन एश्ले कूपर ने रखा था. उनका मानना था कि खेल देशों के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम हैं. इसके बाद 1930 में पहली बार इन खेलों का आयोजन कनाडा के हैमिल्टन में ब्रिटिश एंपायर गेम्स के नाम से हुआ. पहले संस्करण में 11 देशों के 400 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था.

राशिद अनवर ने भारत को दिलाया पहला पदक

भारत ने पहली बार 1934 में राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था. उस समय ब्रिटिश भारत की ओर से केवल छह खिलाड़ियों ने भाग लिया था. भारत ने अपने पहले ही अभियान में एक पदक जीता. पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया.

मिल्खा सिंह ने दिलाया पहला स्वर्ण पदक

1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में महान धावक मिल्खा सिंह ने 400 मीटर दौड़ में 46.6 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वह ट्रैक एंड फील्ड में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने. इसके बाद 2014 में विकास गौड़ा ने डिस्कस थ्रो में गोल्ड जीतकर एथलेटिक्स में भारत को दूसरा व्यक्तिगत स्वर्ण दिलाया.

1978 से मिला कॉमनवेल्थ गेम्स नाम

1930 से शुरू हुए इन खेलों का नाम समय-समय पर बदला गया. शुरुआत में इसे ब्रिटिश एंपायर गेम्स कहा गया. 1970 और 1974 के संस्करणों में इसका नाम ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स रखा गया. इसके बाद 1978 से इसे आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) कहा जाने लगा.

भारत ने जीते हैं 564 पदक

राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत अब तक 564 पदक जीत चुका है. इनमें 203 स्वर्ण, 190 रजत और 171 कांस्य पदक शामिल हैं. स्वर्ण पदकों के आधार पर भारत ऑल टाइम मेडल टैली में चौथे स्थान पर है. ऑस्ट्रेलिया (1003), इंग्लैंड (773) और कनाडा (510) ही भारत से अधिक स्वर्ण पदक जीत सके हैं.

इन खेलों में भारत का रहा है दबदबा

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे ज्यादा सफलता निशानेबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में हासिल की है. निशानेबाजी में भारत ने 135, भारोत्तोलन में 133 और कुश्ती में 114 पदक जीते हैं. इसके अलावा एथलेटिक्स में 46, मुक्केबाजी में 44, बैडमिंटन में 31 और टेबल टेनिस में 28 पदक भारत के नाम हैं. महिला क्रिकेट में भारत ने रजत पदक और तैराकी में कांस्य पदक भी अपने नाम किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2026 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).