लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल (Governor of Uttar Pradesh) आनंदीबेन पटेल द्वारा कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रेम विवाह (लव मैरिज) और युवाओं के व्यवहार पर की गई एक टिप्पणी के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. लखनऊ में मंगलवार को आयोजित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) के 24वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब माता-पिता किसी रिश्ते का विरोध करते हैं, तो कुछ जोड़े घर से भाग जाते हैं. उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप लड़कियां पढ़ाई के दौरान ही गर्भवती हो जाती हैं और बच्चों को जन्म दे देती हैं. सोशल मीडिया पर इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा के इस्तेमाल पर तीखी आलोचना की है. यह भी पढ़ें: Sushmita Dev Join BJP Along With Former TMC MP: सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बराइक बीजेपी में शामिल, ममता बनर्जी की टीएमसी को बड़ा झटका
आत्मनिर्भर बनने से पहले उठाए कदम को बताया 'पराक्रम'
दीक्षांत समारोह के मंच से बोलते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट किया कि वह प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्होंने युवा महिलाओं से शादी से पहले आत्मनिर्भर (सेल्फ रिलायंट) बनने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि माता-पिता की असहमति पर घर से भागने के फैसलों के कारण लड़कियों को पढ़ाई के दौरान ही पारिवारिक और शारीरिक जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ता है.
राज्यपाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में पैदा होने वाले बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अक्सर सरकार के कंधों पर आ जाती है. उन्होंने छात्राओं को इस तरह के कदम न उठाने की सलाह देते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में हिंदी शब्द "पराक्रम" का इस्तेमाल किया. उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि शिक्षा के समय इस प्रकार का दुस्साहस उनके भविष्य को प्रभावित कर सकता है.
यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने घर से भागकर शादी करने वाले जोड़ों और टीनएज प्रेगनेंसी पर टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया है
इस पर विवाद हो सकता है? यूपी के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज लखनऊ में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज कल लड़के-लड़कियां पहले भाग जाते हैं। फिर लड़कियां प्रेग्नेंट हो जाती है और ऐसे बच्चे बाद में सरकार के… pic.twitter.com/vaT0zinMFw
— Dharmendra Singh (@dharmendra135) July 7, 2026
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और राजनीतिक घेराबंदी
राज्यपाल के इस बयान की क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) सहित अन्य माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो गई. कई राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्ष के नेताओं ने शैक्षणिक मंच से इस तरह की भाषा शैली के चयन पर सवाल उठाए हैं. आलोचकों का कहना है कि छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए आयोजित दीक्षांत समारोह में एक गरिमापूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह के व्यक्तिगत और संवेदनशील विषयों पर ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए था.
आलोचनाओं के बीच राज्यपाल की ओर से आई सफाई
चारों तरफ से घिरने और राजनीतिक बवाल बढ़ने के बाद राजभवन और राज्यपाल की ओर से इस बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया गया है. आनंदीबेन पटेल ने साफ किया कि उनके बयान का उद्देश्य प्रेम विवाह का विरोध करना कतई नहीं था. उनकी मुख्य चिंता यह थी कि कुछ युवतियां अपनी शिक्षा के दौरान जल्दबाजी में ऐसे फैसले ले लेती हैं, जिससे वे आर्थिक या व्यक्तिगत रूप से स्वतंत्र होने से पहले ही गंभीर पारिवारिक जिम्मेदारियों में फंस जाती हैं.
उन्होंने छात्रों को उसी भाषण में यह भी सीख दी थी कि उन्हें केवल तकनीक का उपभोक्ता बनने के बजाय उसका निर्माता बनना चाहिए, हालांकि उनके इस रचनात्मक संदेश के मुकाबले प्रेम विवाह वाले बयान ने ज्यादा सुर्खियां बटोर लीं.
आनंदीबेन पटेल का प्रोफाइल और पूर्व विवाद
वरिष्ठ भाजपा नेता आनंदीबेन पटेल इससे पहले गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं. वे अक्सर महिलाओं की शिक्षा, उनके स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर और स्पष्ट बात करने के लिए जानी जाती हैं. हालांकि, भारतीय राजनीति में हाल के वर्षों में संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य व्यक्तियों द्वारा युवाओं के व्यवहार और लैंगिक मुद्दों पर की गई सार्वजनिक टिप्पणियां लगातार विवादों और विनियामक बहसों का केंद्र बनती रही हैं.













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