Sushmita Dev Join BJP Along With Former TMC MP: पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बराइक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए. तीनों नेताओं ने कुछ सप्ताह पहले राज्यसभा की सदस्यता और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था. आगामी राज्यसभा उपचुनाव और भविष्य के चुनावों से पहले इसे बीजेपी के लिए बड़ी राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है. TMC में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के कानूनी मामलों से खुद को किया अलग, अंदरूनी कलह और बढ़ी
कोलकाता में बीजेपी ने तीनों नेताओं का किया स्वागत
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बराइक को कोलकाता स्थित बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई गई. बीजेपी ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रति बढ़ते समर्थन का संकेत है. तीनों नेताओं ने इस साल टीएमसी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी का दामन थामा है. उनके इस फैसले को राज्य की राजनीति में एक अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
राज्यसभा उपचुनाव पर पड़ सकता है असर
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटें खाली हो गई थीं. इन सीटों पर चुनाव आयोग ने 24 जुलाई को उपचुनाव कराने का ऐलान किया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से राज्य की संसदीय राजनीति पर असर पड़ सकता है. बीजेपी को उम्मीद है कि इन राजनीतिक बदलावों का फायदा उसे राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने में मिलेगा.
टीएमसी से बाहर निकलने के बाद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे, प्रकाश चिक बड़ाईक बीजेपी में शामिल हो गए
VIDEO | Kolkata, West Bengal: Former TMC Rajya Sabha MPs Sushmita Dev, Sukhendu Sekhar Ray and Prakash Chik Baraik join BJP in the presence of West Bengal BJP president Shamik Bhattacharya.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/FrOzOqfE43
— Press Trust of India (@PTI_News) July 9, 2026
इस्तीफे के पीछे क्या थी वजह
सुष्मिता देव ने साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी का दामन थामा था. जून में उन्होंने पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उनका फैसला व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से प्रेरित है. उन्होंने कहा था कि वह "दो नावों पर सवार" नहीं रहना चाहतीं. वहीं सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बराइक ने भी लगभग उसी समय राज्यसभा और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था.
पश्चिम बंगाल में संगठन मजबूत करने की तैयारी में बीजेपी
तीनों पूर्व सांसदों की एंट्री ऐसे समय हुई है जब बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपने संगठन और नेतृत्व को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी का मानना है कि नए नेताओं के शामिल होने से राज्य में उसका जनाधार और मजबूत होगा. दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी हाल के दिनों में कई बड़े नेताओं के इस्तीफों और संगठनात्मक बदलावों का सामना कर रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और भी दिलचस्प होने की संभावना है.













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