Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में दामाद ने अपनी ही सास से रचाई कोर्ट मैरिज, कोर्ट परिसर में वरमाला पहनाने का वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान करने वाला और लीक से हटकर मामला सामने आया है. यहाँ एक युवक ने अपनी ही सगी सास के साथ स्थानीय अदालत परिसर में कोर्ट मैरिज कर लिया है. सोमवार से सोशल मीडिया पर इस शादी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों आधिकारिक विवाह प्रमाण पत्र दिखाते और एक-दूसरे को वरमाला पहनाते नजर आ रहे हैं.
कानपुर, 8 जून: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर (Kanpur) से एक बेहद ही लीक से हटकर और हैरान कर देने वाला पारिवारिक मामला प्रकाश में आया है. यहाँ एक व्यक्ति ने अपनी ही सास के साथ कानूनी रूप से विवाह (Court Marriage) रचा लिया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से प्रसारित हो रहा है. सोमवार से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारी मात्रा में शेयर किए जा रहे इस वीडियो में यह अनोखा जोड़ा स्थानीय अदालत परिसर के भीतर अपनी कानूनी शादी की प्रक्रियाओं को पूरा करता हुआ दिखाई दे रहा है. इस घटना के सामने आने के बाद से ही स्थानीय निवासियों और नेटिजन्स के बीच इस रिश्ते के सामाजिक और कानूनी पहलुओं को लेकर एक गंभीर बहस शुरू हो गई है. यह भी पढ़ें: Aligarh Saas Damad Love Story: 'मैं दामाद के साथ ही रहूंगी': थाने में सरेंडर करने के बाद बोली अलीगढ़ की सास, 'अजब प्रेम की गजब कहानी' ने उड़ाए पुलिस के होश (Watch Video)
अदालत परिसर में पहनाई वरमाला; प्रमाण पत्र के साथ बनाई रील
अब वायरल हो चुके इस वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि यह नया शादीशुदा जोड़ा पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक-दूसरे को अदालत परिसर के भीतर ही वरमाला पहना रहा है. इसके तुरंत बाद, दोनों अपने हाथ में विवाह रजिस्ट्रार द्वारा जारी आधिकारिक विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (Marriage Registration Certificate) लेकर कैमरे के सामने पोज देते हुए दिखाई दे रहे हैं.
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जैसे ही इस विवाह के विजुअल साक्ष्य और तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हुईं, इसने कानपुर के नागरिकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, और लोगों के बीच इस रिश्ते की स्वीकार्यता को लेकर गहन विमर्श छिड़ गया.
आदमी ने अपनी सास से शादी की
लंबे समय से संपर्क में होने का दावा; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
डिजिटल फुटेज के साथ सोशल मीडिया पर तैर रहीं अपुष्ट और प्रारंभिक खबरों में यह दावा किया जा रहा है कि यह दामाद और सास कानूनी रूप से अपने इस रिश्ते को अंतिम रूप देने से पहले एक बहुत लंबे समय से एक-दूसरे के साथ नियमित संपर्क में थे.
हालांकि, इस प्रेम प्रसंग के इतिहास या विवाह की सटीक समय-सीमा को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन, अदालत के अधिकारियों या दोनों परिवारों के प्रतिनिधियों की ओर से कोई भी आधिकारिक पृष्ठभूमि की जानकारी या पुष्टि अभी तक साझा नहीं की गई है.
कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य; पुलिस को नहीं मिली कोई शिकायत
इस विवाह की अपरंपरागत और अजीब प्रकृति को लेकर जहां एक तरफ जनता के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं और आलोचनाएं देखी जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस) ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के संबंध में अब तक किसी भी पक्ष या परिवार के सदस्य द्वारा कोई भी आधिकारिक शिकायत या प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं कराई गई है.
भारत में, हालांकि विभिन्न व्यक्तिगत और नागरिक कानूनों (जैसे हिंदू विवाह अधिनियम) के तहत प्रतिबंधित संबंधों की श्रेणियों (Degrees of Prohibited Relationship) के भीतर आने वाली शादियों पर कुछ विधिक प्रतिबंध लागू होते हैं, लेकिन सिविल लॉ के तहत कोर्ट मैरिज के लिए पात्रता का औपचारिक सत्यापन आवश्यक होता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस विशिष्ट मामले में अभी तक विवाह पंजीकरण कार्यालय के समक्ष किसी भी प्रकार की आधिकारिक आपत्ति (Official Objections) दर्ज नहीं की गई है, जिसके चलते कानून व्यवस्था का कोई संकट नहीं है.