Rammiya Ruiz: तिरंगा थीम वाली बिकिनी पहनकर बनाई रील, सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स; फ्लैग कोड के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'रम्मिया रुइज़' नाम के अकाउंट से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे और अशोक चक्र के प्रतीकों वाली बिकिनी पहनकर डांस वीडियो पोस्ट किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. यूजर्स ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताते हुए पुलिस और साइबर सेल से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (National Flag of India) (तिरंगे) के रंगों और अशोक चक्र के प्रतीक वाले स्विमसूट/बिकिनी में वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद इंटरनेट पर तीव्र आक्रोश देखा जा रहा है. 'रम्मिया रुइज़' (Rammiya Ruiz) नाम से संचालित एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी इन वीडियो में महिला को तिरंगे की तर्ज पर डिजाइन किए गए परिधान में डांस और पोज करते हुए दिखाया गया है.
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का खुला अपमान और देश के ध्वज प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन करार दिया है. यह भी पढ़ें: Vashi Park Viral Video: 'हम लूडो खेल रहे थे, महिला ने चुपके से वीडियो बनाया और ड्रग केस में फंसाने की धमकी दी'; कॉलेज छात्रों का आरोप
सोशल मीडिया पर आक्रोश और कानूनी कार्रवाई की मांग
विवादित पोस्ट में शॉर्ट-फॉर्म वीडियो (रील्स) और तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ अशोक चक्र का इस्तेमाल दो-टुकड़ों वाले स्विमवियर पर किया गया है.
पोस्ट के कमेंट सेक्शन में यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। कई आलोचकों ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बटोरने के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों का अनुचित और अशोभनीय इस्तेमाल किया गया है. कई यूजर्स ने कमेंट्स में राज्य पुलिस बलों और साइबर सेल को टैग करते हुए संबंधित अकाउंट धारक के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.
वायरल रील्स में तिरंगे वाली बिकिनी पहनने पर 'रामिया रुइज़' के इंस्टाग्राम अकाउंट की लोगों ने कड़ी आलोचना की
भारतीय ध्वज संहिता और कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं?
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन, फहराने और उपयोग के नियम राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) तथा भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Flag Code of India, 2002) द्वारा शासित होते हैं:
- कमर के नीचे उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध: भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को किसी भी प्रकार की पोशाक, वर्दी या परिधान के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. विशेष रूप से कमर के निचले हिस्से में पहने जाने वाले किसी भी वस्त्र पर तिरंगे के रंगों या प्रतीकों का उपयोग कानूनी रूप से ध्वज का अपमान माना जाता है.
- ड्रेस सामग्री और वाणिज्यिक उपयोग पर रोक: 1971 के अधिनियम की धारा 2 के तहत कुशन, रूमाल, नैपकिन या किसी भी प्रकार के ड्रेस मटेरियल पर राष्ट्रीय ध्वज की छपाई, कढ़ाई या निर्माण करना प्रतिबंधित है.
- सजा का प्रावधान: सार्वजनिक रूप से या जनता के सामने राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने, उसे विकृत करने या दूषित करने पर 3 वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
वायरल कंटेंट बनाम राष्ट्रीय प्रतीकों की मर्यादा
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर वायरल ट्रेंड्स और राष्ट्रीय प्रतीकों के संरक्षण से जुड़े कानूनों के बीच टकराव की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं. पूर्व में भी तिरंगे से प्रेरित अनुचित पोशाकें पहनने पर सार्वजनिक हस्तियों और इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ कानूनी शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं.
कानूनी और सुरक्षा विशेषज्ञ समय-समय पर यह स्पष्ट करते रहे हैं कि डिजिटल माध्यमों पर देशभक्ति या रचनात्मकता व्यक्त करते समय भारतीय ध्वज संहिता और संवैधानिक मर्यादाओं का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है.