राजस्थान, 10 जुलाई: राजस्थान के धौलपुर में, हज़ारों ग्रामीण आज भी हवा से भरी नली पर रखी लकड़ी की चारपाई के सहारे पार्वती नदी पार करते हैं. ग्रामीणों और स्कूली छात्रों के लिए स्कूल, अस्पताल या यहां तक कि बाज़ार पहुंचने के लिए नदी को इतने जोखिम भरे तरीके से पार करना ही एकमात्र रास्ता है. यह स्थिति तब उजागर हुई जब इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दो छात्राएं अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करती दिखाई दीं. यह जोखिम भरा रास्ता सिर्फ़ मानसून के दौरान ही नहीं, बल्कि साल भर चलता है क्योंकि यह नदी बारहमासी है. आरी, मढैया, भूरा का पुरा, बघेलों का पुरा, महंत का अड्डा और पंछी का पुरा के ग्रामीण वर्षों से इसी तरह नदी पार करते आ रहे हैं. यह भी पढ़ें: Terrifying Bridge Crossing: झारखंड के बोकारो में खतरनाक जर्जर पूल को पार करती दिखी बुजुर्ग महिला, वीडियो वायरल होने के बाद मरम्मत के आदेश
वायरल वीडियो में, दो लड़कियां संतुलन बनाते हुए चारपाई पर चढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं. वे उसमें लगी रस्सी को पकड़कर नदी पार करने के लिए उसे खींचने लगती हैं. लड़कियों के पास कोई सुरक्षा उपाय भी नहीं है. स्कूली बच्चे कई किलोमीटर की यात्रा करने के बजाय पार्वती नदी पार करके स्कूल पहुंचते हैं. सिर्फ़ बच्चे ही नहीं, बल्कि कई गांवों के लोग बीमार मरीज़ों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने या घरेलू सामान खरीदने बाज़ार जाने के लिए इन खाटों पर निर्भर हैं.
स्कूल जाने के लिए चारपाई पर बैठकर नदी पार करते हैं छात्र
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मामले पर अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पार्वती नदी पार करना बच्चों और ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती है. लेकिन न तो प्रशासन और न ही अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया है. एसडीएम नाहर सिंह ने कहा कि ग्रामीणों और बच्चों को नदी पार करने से रोका जाएगा और मामले की जांच की जाएगी.
ऐसा ही एक और मामला
झारखंड के बोकारो जिले में एक बुजुर्ग महिला द्वारा क्षतिग्रस्त पुल पार करते हुए एक वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है. एक जर्जर लोहे के पुल पर संतुलन बनाते हुए एक बुजुर्ग महिला ने सुरक्षित रूप से पुल पार कर लिया, लेकिन एक छोटी सी चूक उनकी ज़िंदगी भर की क्षति का कारण बन सकती थी.













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