Pradhan Mantri Mudra Yojana: वायरल 1% ब्याज वाले लोन अप्रूवल लेटर की क्या है सच्चाई? PIB Fact Check ने खोला राज
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत 1% ब्याज दर पर ₹2 लाख का लोन स्वीकृत होने का एक पत्र वायरल हो रहा है. PIB Fact Check ने इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया है और स्पष्ट किया है कि मुद्रा (MUDRA) सीधे किसी व्यक्ति को लोन नहीं देती है.
Pradhan Mantri Mudra Yojana: सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक लोन अप्रूवल लेटर तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत 1% की मामूली ब्याज दर पर ₹2,00,000 का लोन मंजूर किया गया है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस पत्र की जांच कर इसे पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी वाला करार दिया है.
क्या है वायरल मैसेज का सच?
वायरल हो रहे फर्जी स्वीकृति पत्र में दावा किया गया है कि सूक्ष्म उद्यमियों और वित्तीय सहायता की तलाश कर रहे लोगों को 5 साल की अवधि के लिए केवल 1% सालाना ब्याज दर पर ₹2 लाख का लोन दिया जा रहा है.
जानें वायरल खबर की सच्चाई
सरकारी एजेंसी 'PIB Fact Check' ने आधिकारिक तौर पर इस दावे का खंडन करते हुए कहा है कि सरकार या मुद्रा योजना के तहत ऐसा कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है.
MUDRA सीधे नहीं देती लोन: PIB की सफाई
PIB ने स्पष्ट किया है कि माइक्रोनिट्स डेवलपमेंट एंड रीफाइनेंस एजेंसी (MUDRA) एक री-फाइनेंसिंग संस्था है. MUDRA सीधे किसी भी व्यक्ति या माइक्रो-एंटरप्रेन्योर को लोन जारी नहीं करती है.
एजेंसी के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत लोन प्राप्त करने के लिए आवेदकों को अपने निकटतम बैंक शाखाओं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से पंजीकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs), या सूक्ष्म वित्त संस्थानों (MFIs) से संपर्क करना होता है. इसके अलावा, सरकार मुद्रा लोन स्वीकृत कराने के लिए किसी भी प्रकार का अग्रिम शुल्क (Advance Fee) नहीं मांगती है.
क्या हैं मुद्रा योजना की वास्तविक ब्याज दरें और नियम?
मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले लोन पर वास्तविक ब्याज दरें 1% नहीं, बल्कि आमतौर पर लगभग 8.85% से 24% प्रति वर्ष के बीच होती हैं. ब्याज दरें कर्ज देने वाले बैंक या वित्तीय संस्थान, लोन की श्रेणी (शिशु, किशोर, या तरुण), और आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती हैं.
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लोन की श्रेणियां: मुद्रा योजना के तहत तीन श्रेणियों (शिशु, किशोर और तरुण) में ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख (तथा हालिया अपडेट अनुसार ₹20 लाख तक) का ऋण प्रदान किया जाता है.
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भुगतान अवधि: ऋण चुकाने की अवधि सामान्यतः 1 से 7 वर्ष के बीच होती है.
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प्रसंस्करण शुल्क: छोटे लोन (जैसे शिशु लोन) पर अधिकांश बैंक प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते हैं, लेकिन बड़ी राशि के लोन पर नियमानुसार मामूली शुल्क लागू हो सकता है.
भ्रामक संदेशों से सतर्क रहने की सलाह
सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर आने वाले ऐसे किसी भी अप्रूवल लेटर या कॉल पर विश्वास न करें, जो बहुत कम ब्याज दर पर बिना किसी गारंटी के सीधे लोन देने का दावा करते हैं.
किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल मुद्रा की आधिकारिक वेबसाइट (mudra.org.in) या आधिकारिक बैंक शाखाओं पर ही भरोसा करें. यदि किसी संदिग्ध संदेश या पत्र की सच्चाई जाननी हो, तो नागरिक PIB Fact Check के आधिकारिक पोर्टल या व्हाट्सएप नंबर पर उसकी पुष्टि कर सकते हैं.