Ocean Sunfish Video: दुनिया की सबसे भारी मछली है 'ओशन सनफिश', वजन और आकार जानकर उड़ जाएंगे आपके होश
सोशल मीडिया पर एक अनोखी मछली का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे ओशन सनफिश कहा जाता है. यह मछली दुनिया की सबसे भारी मछली मानी जाती है.
Ocean Sunfish Viral Video: जिस तरह से जंगल की दुनिया इंसानों की दुनिया से अलग है, उसी तरह से पानी के अंदर बसने वाली दुनिया की भी अपनी एक अलग खासियत है. समंदर के अंदर कई प्रकार के जीव पाए जाते हैं, जिनमें से कई प्रजातियों को लोग अच्छे से पहचानते हैं, जबकि कई प्रजातियां ऐसी भी हैं, जिन्हें दुर्लभ माना जाता है या फिर वो मुश्किल से दिखाई देती हैं. वैसे तो आपने कई प्रकार की मछलियों को देखा ही होगा, लेकिन मछलियों (Fishes) में भी कुछ ऐसी प्रजातियां हैं जो सामान्य तौर पर देखने को नहीं मिलती हैं. इस बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर एक अनोखी मछली का वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसे ओशन सनफिश (Ocean Sunfish) कहा जाता है. यह मछली दुनिया की सबसे भारी मछली मानी जाती है.
ओशन सनफिश से जुड़े इस वीडियो को एक्स पर @Rainmaker1973 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसके साथ कैप्शन लिखा है- ओशन सनफिश सभी हड्डी वाली मछलियों में सबसे भारी होती है, जिसका वजन 2300 किलोग्राम और पंखों का आकार 4.2 मीटर तक होता है. यह भी पढ़ें: Shark Attack: मैक्सिकन समुद्र तट पर तैर रही महिला का शार्क ने खाया पैर, ज्यादा खून बह जाने से हुई मौत
देखें वीडियो-
The ocean sunfish is the world's heaviest known bony fish: it reaches up to 2,300 kg of weight and 4.2 meters of size across the finspic.twitter.com/IgyJvA3reX
— Massimo (@Rainmaker1973) December 5, 2023
विशालकाय और अत्यधिक भारी होने की वजह से 'ओशन सनफिश' को 'बोनी फिश' भी कहा जाता है. सिल्वर रंग की इस मछली का साइंटिफिक नाम 'मोला मोला' है और इसका वजन 2500 किलोग्राम (2.5 टन) तक हो सकता है. ये सर्वाहारी मछली होती है और इसका जीवनकाल सामान्यतौर पर 10 साल तक माना जाता है. यहां हैरान वाली बात तो यह है कि ये 11 फीट तक लंबी होने के बावजूद इंसानों के लिए हानिरहित होती हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 07, 2023 04:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

